बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 92

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03 Jun, 2015

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बैंकिंग जागरूकता,


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PayPal-2015

1) भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 21 मई 2015 को किस अंतर्राष्ट्रीय डिजिटल पेमेण्ट्स (international digital payments) कम्पनी के साथ एक करार किया है जिसके तहत इस बैंक के ग्राहकों को अंतर्राष्ट्रीय भुगतान करने की सुविधा मिलेगी? – पेपॉल (Paypal)

विस्तार: पेपॉल (Paypal) एक सुप्रसिद्ध डिज़िटल भुगतान सेवा है तथा वर्तमान में विश्व के 203 देशों में सेवारत है। इसके द्वारा प्रति-दिन लगभग 1.15 करोड़ लेन-देन किए जाते हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 21 मई को पेपॉल के साथ एक ऐसा करार किया है जिसके अंतर्गत यह अपने ग्राहकों के साथ-साथ देश के तमाम छोटे और मझोले व्यावसायी (MSEs) इस सेवा के द्वारा आसान और सुरक्षित तरीके से अंतर्राष्ट्रीय भुगतान कर सकेंगे तथा बाहर से धन प्राप्त कर सकेंगे। बाद में इस सुविधा को घरेलू लेन-देन के लिए भी शुरू करने की SBI की मंशा है। इसके बाद इस सेवा का प्रयोग तमाम अन्य प्रकार के भुगतानों – जैसे ई-वीज़ा, ई-ट्रैवल कागजातों के लिए किए जाने वाले भुगतानो, आदि के लिए भी किया जायेगा। SBI इस सुविधा को अपने डेबिट कार्ड धारकों को उपलब्ध करायेगी।


2) देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक – आईसीआईसीआई बैंक (ICICI bank) ने अपने ग्राहकों के लिए 25 मई 2015 से कौन सी नई पासवर्ड सेवा शुरू करने की घोषणा की? – व्हॉइस पासवर्ड सेवा (Voice Password Service)

विस्तार: ICICI बैंक की व्हॉइस पासवर्ड सेवा के तहत ग्राहक अब अपने बैंक सम्बन्धी फोन बैंकिंग (phone banking) लेन-देन के लिए पासवर्ड को ऑथन्टिकेट करने के अन्य तरीकों के बजाय अपनी आवाज का इस्तेमाल करेंगे। व्हॉइस पासवर्ड सेवा में ग्राहक की स्टोर आवाज की तमाम खूबियों जैसे माडुलेशन, स्पीड, उच्चारण, बोली, इत्यादि का प्रयोग आवाज को मैच करने के लिए किया जायेगा तथा इसमें नकल आदि करने की कोई संभावना नहीं होगी। अभी तक पासवर्ड के लिए कार्ड नम्बर, सिक्योरिटी प्रश्न, पिन नंबर, आदि का इस्तेमाल फोन बैंकिंग के समय किया जाता रहा है। अब इस नई सुविधा के चलते ICICI बैंक के ग्राहकों को अपने फोन बैंकिंग लेन-देन को करने में अधिक सहूलियत मिलेगी तथा उन्हें पिन, पासवर्ड, आदि को याद रखने के झंझट से भी छुटकारा मिलेगा।


3) अमेरिका के न्याय विभाग (US Department of Justice) ने विदेशी मुद्रा बाजार (foreign exchange markets) में घपलेबाजी करने के आरोपों में किन पाँच बैंकों पर 5.7 अरब डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाने की घोषणा 20 मई 2015 को की? – बार्क्लेज़ (Barclays), रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैण्ड (RBS), यूबीएस (UBS), सिटीग्रुप (Citigroup) तथा जेपी मॉर्गन (JP Morgan)

विस्तार: 5.7 अरब डॉलर के इस भारी-भरकम जुर्माना लगाए जाने की घोषणा करते हुए अमेरिकी की एटॉर्नी जनरल लोरेटा लिंच (Loretta Lynch) ने कहा कि इन 5 बैंकों ने बेहद शातिर तरीके से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजारों को नियंत्रित करने के लिए एक समूह (cartel) बना कर वर्ष 2007 से 2013 के अंत तक अपने लाभ के लिए जमकर घपलेबाजी की। अमेरिकी न्याय विभाग का यह निर्णय इन 5 बैंकों के लिए काफी बड़ा झटका बनकर सामने आया क्योंकि अभी नवम्बर 2014 में ही इन बैंकों पर 2.6 अरब पाउण्ड का जुर्माना ऐसे ही आरोपों के चलते लगाया गया था। हालांकि स्विटज़रलैण्ड के UBS बैंक को कुछ संरक्षण भी प्रदान किया क्योंकि इसी ने सबसे पहले विभाग को लम्बे समय से चल रही इस घपलेबाजी की सूचना दी थी। लेकिन इसके बाबजूद उसे इस मामले में दोषी माना गया।


4) निजी क्षेत्र के किस बैंक ने 31 मई 2015 को घोषणा की कि वह एटीएम (ATM) से होने वाले लेन-देन में कागज की पर्चियाँ देना बंद कर देगा तथा इसके स्थान पर SMS संदेश प्रदान करेगा? – एचडीएफसी बैंक

विस्तार: एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) द्वारा इस सम्बन्ध में दी गई जानकारी के अनुसार वह पिछले साल शुरू किए गए अपने “ग्रीन पिन” (“Green Pin”) अभियान के तहत डिज़िटल मैसेज व्यवस्था को अपनायेगा तथा अब ATM से होने वाले लेन-देन का विवरण देने के लिए कागज की पर्चियाँ देना बंद कर देगा। इसके लिए बैंक ने कुछ ATM मशीनों पर एक पायलट परियोजना को शुरू कर दिया है तथा जून 2015 के अंत तक इस योजना को बैंक देश भर में फैले अपने 11,700 से अधिक सभी ATM में शुरू कर देगा। उल्लेखनीय है कि अभी ATM मशीनों पर ग्राहकों से लेन-देन के समय पर्ची प्रदान करने अथवा न करने का विकल्प मांगा जाता है। ज़्यादातर लोग पर्चियाँ लेते तो हैं लेकिन इसमें से काफी बड़ा वर्ग इन पर्चियों को तुरंत फेंक देता है। इससे एक तरफ जहाँ बहुमूल्य कागज की बर्बादी होती है वहीं यत्र-तत्र पड़ी इन पर्चियों से खाताधारकों की तमाम महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक होने का खतरा भी रहता है। HDFC बैंक का मानना है कि उसके इस अभियान से सालाना लगभग 10 करोड़ रुपए के कागज का व्यय रुकेगा।


5) यूरोप का वह प्रमुख देश कौन सा है जिसके लगभग 55 वर्षों में पहली बार अपस्फीति (Deflation) में पहुँचने की जानकारी 19 मई 2015 को यहाँ के सरकारी आंकड़ों के माध्यम से सामने आई? – ब्रिटेन (Britain)

विस्तार: ब्रिटेन के ऑफिस ऑफ नेशनल स्टैटिक्स (Office for National Statistics – ONS) द्वारा 19 मई को जारी जानकारी के अनुसार देश का उपभोक्ता मूल्यों पर आधारित सूचकांक (consumer prices index – CPI) 2015 के फरवरी एवं मार्च महीनों के दौरान शून्य प्रतिशत रहने के बाद अप्रैल माह में 0.1% और घट कर शून्य के नीचे चला गया। ब्रिटेन में मुद्रास्फीति के नए आधिकारिक आंकड़ों को 1996 में अपनाए जाने के बाद यह पहला मौका है जब यहाँ अपस्फीति की स्थिति आई है। वहीं ONS द्वारा बनाए गए एक मॉडल के अनुसार 1960 के बाद देश में यह अपस्फीति दर्ज किए जाने का पहला मौका है। अपस्फीति वह आर्थिक स्थिति होती है जिसमें उपभोक्ता उत्पादों और सेवाओं के मूल्यों में गिरावट दर्ज की जाती है। ऐसा तब होता है जब मुद्रास्फीति की दर 0% से नीचे गिर जाए। इसके चलते मुद्रा का वास्तविक (real value of money) मूल्य बढ़ जाता है तथा प्रति मुद्रा इकाई अधिक उत्पाद एवं सेवाएं हासिल की जा सकती हैं। वैसे अपस्फीति को अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह माना जाता है क्योंकि इसमें निवेश करने के प्रवृति कम आती है जिससे रोजगार, इत्यादि प्रभावित होता है।


6) भारत के बैंक कर्मचारी संघों तथा इण्डियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के बीच बैंक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के सम्बन्ध में एक समझौता 25 मई 2015 को हुआ जिसके द्वारा लगभग 10 कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है और जिससे कुछ विदेशी तथा निजी बैंकों के कर्मचारियों को भी लाभ होगा। उक्त समझौते के तहत बैंक कर्मचारियों के वेतन में कितनी प्रतिशत वृद्धि पर सहमति हुई है? – 15%

विस्तार: बैंक कर्मचारी संघों तथा इण्डियन बैंक एसोसिएशन (IBA) के बीच हुए इस समझौते के अंतर्गत कर्मचारियों के वेतन में 15% की वृद्धि की व्यवस्था की गई है तथा इसे 1 नवम्बर 2012 से चरणों में लागू माना जायेगा। समझौते के तहत बैंक में अधिकारी स्तर के कर्मचारी के वेतन स्केल को वर्तमान Rs.14,500–52,000 से संशोधित कर Rs.23,700–Rs.85,000 किया जायेगा तथा इसमें विशेष भत्ते और महंगाई भत्ता भी शामिल होगा। वहीं नॉन-सबॉर्डिनेट कर्मचारी का स्केल वर्तमान Rs.7,200–Rs.19,300 से Rs.11,765–Rs.31,540 किया गया है तथा सबॉर्डिनेट कर्मचारी का स्केल वर्तमान Rs. 5,850–Rs.11,350 से Rs.9,560–Rs.18,545 किया गया है। इस समझौते में बैंक कर्मचारी तथा उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा लाभ की भी व्यवस्था की गई है।


7) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 20 मई 2015 को किस प्रमुख ई-कॉमर्स कम्पनी के साथ एक समझौता (MoU) किया जिसके तहत बैंक इस कम्पनी से जुड़े ग्राहकों एवं छोटे व्यवसायों के लिए पेमेण्ट एवं कॉमर्स सॉल्यूशनस को विकसित करेगा? – अमेज़न (Amazon)

विस्तार: उल्लेखनीय है कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) वर्तमान में डिज़िटल तथा ऑनलाइन क्षेत्र में आक्रामक भूमिका निभाने की कोशिश में लगा हुआ है ताकि वह डिज़िटल कॉमर्स क्षेत्र का एक बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरे। अपनी इसी मुहिम के तहत SBI ने 20 मई को प्रमुख ई-कॉमर्स रिटेल कम्पनी अमेज़न (Amazon) के साथ एक करार किया। इसके द्वारा बैंक Amazon से जुड़े ग्राहकों तथा छोटे व्यवसायियों के लिए भुगतान सम्बन्धी टूल्स को तैयार करेगा। बैंक चाहता है कि इस वर्ग के लिए खरीददारी करने तथा व्यवसाय करने का अनुभव अनूठा हो। इसका उद्देश्य अमेज़न से जुड़े छोटे व्यवसायियों (SMEs) के लिए आसान बैंकिंग सॉल्यूशन्स तैयार करना है जिससे उन्हें अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने में सहूलियत मिले। वैसे SBI अन्य ई-कॉमर्स कम्पनियों जैसे स्नैपडील (Snapdeal) के साथ भी भविष्य में ऐसा करार करना चाहता है।


8) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मार्च 2015 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ में 23% वृद्धि होने की घोषणा 22 मई 2015 को की। इस तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध लाभ कितना रहा? – 3742 करोड़ रुपए

विस्तार: मार्च 2015 में समाप्त हुई तिमाही का लाभ इस प्रकार वर्ष 2014 की समान तिमाही की तुलना में 23% अधिक रहा। उस तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 3041 करोड़ रुपए था। वहीं SBI की सकल गैर निष्पादित परिसम्पत्तियाँ (Gross NPAs) इस अवधि के दौरान घटकर 4.25% रह गईं जबकि दिसम्बर 2014 में समाप्त हुई तिमाही में यह आंकड़ा 4.9% था। उल्लेखनीय है कि SBI का भारत के बैंकों की जमा (deposits) तथा प्रदत्त ऋणों (loans) में लगभग एक-चौथाई हिस्सेदारी है।


9) केन्द्र सरकार ने देश में विभिन्न परियोजनाओं में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private-Partnership – PPP) के वर्तमान मॉडल को दुरुस्त करने के लिए सिफारिशें देने के लिए एक समिति (Committee) का गठन किया गया है। 26 मई 2015 को इस समिति का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया? – विजय केलकर (Vijay Kelkar)

विस्तार: विजय केलकर (Vijay Kelkar) सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री तथा भूतपूर्व वित्त सचिव व वित्त आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। उनकी अध्यक्षता में गठित यह समिति का देश में वर्तमान में मौजूद सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के ढांचे की समीक्षा कर इसे अधिक सुदृढ़ तथा उपयोगी बनाने की दिशा में भूमिका निभायेगी। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजटीय भाषण में उल्लेख किया था कि देश में मौजूद वर्तमान सार्वजनिक-निजी भागीदारी ढांचा ऐसा नहीं है जो निजी उपक्रमों को अधिक जोखिम लेने के लिए प्रेरित करे। उन्होंने बल दिया था कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी में सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने की आवश्यकता है तथा इस मॉडल में व्याप्त वर्तमान विसंगतियों को दूर किए बिना इसे लाभदायक बनाना संभव नहीं है। भारत सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल को अपनाने वाले कुछ अग्रणी देशों में से एक है तथा इस मॉडल के तहत देश में लगभग 900 परियोजनाएं विभिन्न स्तरों पर क्रियान्वित हो रही हैं।


10) भारत के किस स्टॉक एक्सचेंज ने 18 मई 2015 को देश में अपनी तरह के पहले निवेश उत्पाद (investment product) को उतारने की घोषणा की जिसमें सिर्फ एक रात के लिए लिक्विड फण्ड (Liquid Fund) में निवेश किया जाना संभव होगा? – बीएसई (BSE)

विस्तार: भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज BSE ने 18 मई 2015 को घोषणा की कि वह ओवरनाइट लिक्विड फण्ड (Overnight Liquid Fund) नामक एक नया निवेश उत्पाद बाजार में उतारने जा रहा है जिसके तहत मात्र एक रात के लिए तरल फण्ड में निवेश करना संभव होगा। इस उत्पाद को उन छोटे निवेशकों तथा कॉरपोरेट निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो अपनी नकदी को छोटी से छोटी से अवधि के लिए निवेशित करना चाहते हैं। यह निवेश BSE के म्यूचुअल फण्ड प्लेटफॉर्म बीएसई स्टार एमएफ (BSE StAR MF) में किया जायेगा। खास बात यह होगी कि इसमें निवेश बिना डीमेट एकाउण्ट (non-demat mode) के किया जायेगा।


 

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