बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 74

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Editorial Team

23 Nov, 2014

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बैंकिंग जागरूकता,


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Financial Inclusion-4

1) केन्द्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा 14 नवम्बर 2014 को जारी आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के अंतर्गत देश के 2 राज्यों और 3 केन्द्र शासित प्रदेशों ने 100% वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) हासिल कर लिया है। ये राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश कौन से हैं? – गोवा और केरल (राज्य) तथा चण्डीगढ़, पुड्डुचेरी और लक्षद्वीप (केन्द्र शासित प्रदेश)

विस्तार: 100% बैंकिंग अथवा वित्तीय समावेशन का अर्थ हुआ कि प्रत्येक परिवार में कम से कम एक बैंक खाता खुलना। वित्त मंत्रालय के पास 5 नवम्बर 2014 तक के आंकड़ों के अनुसार केरल में 11.26 लाख बैंक खाते, गोवा में 77,485, चण्डीगढ़ में 1.36 लाख, पुड्डुचेरी में 69,819 तथा लक्षद्वीप में 3,588 खाते खोलकर वित्तीय समावेशन के इस लक्ष्य को हासिल किया गया। इसक अलावा गुजरात राज्य के तीन जिलों – पोरबंदर, मेहसाणा और गाँधीनगर ने भी 100% वित्तीय समावेशन हासिल कर लिया है।

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2) भारत में लघु-बचत (small savings) के लिए सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक किसान विकास पत्र (KVP) को केन्द्र सरकार ने 18 नवम्बर 2014 से पुन: शुरू कर दिया। इस योजना को श्यामला गोपीनाथ समिति (Shyamala Gopinath Committee) की सिफारिशों में नवम्बर 2011 में बंद कर दिया गया था। किसान विकास पत्र की शुरूआत सर्वप्रथम कब की गई थी? – 1 अप्रैल 1988 को

विस्तार: किसान विकास पत्र को 1988 में शुरू किया गया था तथा इसकी लोकप्रियता बहुत अधिक हो गई थी। लेकिन 2011 में RBI द्वारा लघु बचत पर गठित श्यामला गोपीनाथ समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि क्योंकि यह हस्तांतरणीय बचत उपागम (transferable saving instrument) है इसलिए इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। इसके बाद नवम्बर 2011 में इस योजना को बंद कर दिया गया। अब केन्द्र सरकार ने किसान विकास पत्र को पुन: इसलिए शुरू किया है ताकि देश में लघु-बचत की रफ्तार को तेजी दी जा सके।

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3) कोटक महिन्द्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के बोर्ड ऑफ डाइरेक्टर्स द्वारा 20 नवम्बर 2014 को स्वीकृत प्रस्ताव के तहत किस बैंक का कोटक महिन्द्रा बैंक में विलय (merger) कर दिया जायेगा? – आईएनजी वैश्य बैंक (ING Vysya Bank)

विस्तार: कोटक महिन्द्रा बैंक द्वारा बीएसई (BSE) को भेजी गई सूचना के अनुसार इस विलय के लिए कोटक महिन्द्रा बैंक के प्रत्येक 5 रुपए मूल्य के 750 शेयरों के बदले आईएनजी वैश्य बैंक के प्रत्येक 10 रुपए मूल्य के 1,000 शेयरों का स्वैप अपनाया जायेगा तथा इस विलय को पूरी तरह से स्टॉक भुगतान के द्वारा पूरा किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि यह विलय भारत के निजी बैंकिंग क्षेत्र में वर्ष 2010 के बाद होने वाला पहला विलय होगा। 2010 में बैंक ऑफ राजस्थान (Bank of Rajasthan) का ICICI बैंक में हुआ विलय इस क्षेत्र का अंतिम विलय था। यहाँ यह तथ्य भी बताने योग्य है कि आईएनजी वैश्य बैंक भारत का पहला ऐसा बैंक था जो एक भारतीय निजी बैंक और एक विदेशी बैंक के विलय के स्वरूप अस्तित्व में आया था। वर्ष 2002 में निजी क्षेत्र के वैश्य बैंक (Vysya Bank) का हॉलैण्ड के बैंकिंग समूह ING में विलय कर यह बैंक स्थापित किया गया था।

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4) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 20 नवम्बर 2014 को बैंकों को निर्देश दिया कि ग्राहकों के खातों में जमा धन न्यूनतम निर्धारित बैलेंस (minimum balance) से कम होने पर उन्हें इस सम्बन्ध में पहले सूचना देनी चाहिए। इसके अलावा ऐसी स्थितियों में वसूला जाने वाला जुर्माना उस राशि पर लगाया जाना चाहिए जितने से खातेधारक का खाता न्यूनतम निर्धारित बैलेंस से कम है। बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस न रखने की स्थितियों में RBI के दिशानिर्देश कब से लागू होंगे? – 1 अप्रैल 2015 से

विस्तार: RBI द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार तय न्यूनतम बैलेंस से कम राशि खाते में होने की स्थिति में वसूला जाने वाला अधिभार कम राशि के अनुपात में होना चाहिए। इस सम्बन्ध में उसने बैंकों को एक स्लैब ढांचा बनाने को भी कहा।

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5) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 11 नवम्बर 2014 को शैडो बैंकिंग (Shadow Banking) नाम से जाने वाली बैंकिंग व्यवस्था के लिए न्यूनतम पूँजी पर्याप्तता (minimum capital requirement) को बढ़ाकर मार्च 2016 तक 1 करोड़ करने तथा मार्च 2017 के अंत तक 2 करोड़ करने की घोषणा की। ऐसा इसलिए किया गया ताकि देश में तेजी से पैर पसार रही इस बैंकिंग व्यवस्था के खतरों से भारतीय अर्थव्यवस्था को दूर रखा जा सके। अभी तक इस प्रकार के गैर-परंपरागत बैंकिंग माध्यमों के लिए नियत पूँजी पर्याप्तता कितनी थी? – रु. 25 लाख

विस्तार: इसके अलावा RBI ने यह घोषणा भी की कि कुछ निवेश के उपयुक्त श्रेणी वाली गैर-बैंकिंग फर्मों को भविष्य में लोगों से जमा (deposits) स्वीकार करने की अनुमति दी जायेगी जिसके लिए ऐसी फर्मों को मार्च 2016 तक अपनी क्रेडिट रेटिंग करानी होगी। वहीं RBI ने ऐसी फर्मों की जमा स्वीकार करने की अधिकतम सीमा को उसकी न्यूनतम पूँजी के 1.5 गुने तक सीमित करने की घोषणा की जोकि अभी तक मान्य सीमा से चार गुना कम है। उल्लेखनीय है कि शैडो बैंकिंग अथवा गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियाँ (NBFCs) ने हाल फिलहाल के कुछ वर्षों में भारत की आर्थिक व्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत किया है। इसका प्रमुख कारण यह है कि यह संस्थाएं ऐसी स्थितियों तथा ऐसी इकाइयों को वित्त पोषण प्रदान करते हैं जिन्हें आर्थिक मंदी के दौर में परंपरागत बैंकिंग संस्थाएं वित्त पोषण प्रदान करने से कतराती हैं। आज यह वैकल्पिक बैंकिंग माध्यम अर्थव्यवस्था में इतने रच बस गए हैं कि उनके लिए नियमन तैयार करना जरूरी हो गया है।

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6) भारत के पहले पूर्णतया महिला बैंक – भारतीय महिला बैंक (BMB) द्वारा 19 नवम्बर 2014 को शुरू की गई इंटरनेट बैंकिंग सेवा का नाम क्या रखा गया है? – “बीएमबीस्मार्टबैंकिंग” (“BMBSmartBanking”)

विस्तार: भारतीय महिला बैंक ने 19 नवम्बर 2014 को अपनी सेवा का एक वर्ष भी पूरा कर लिया। इस अवसर पर बैंक की बिलकुल नई वेबसाइट को भी लाँच किया गया। “बीएमबीस्मार्टबैंकिंग” का उद्घाटन बैंक की अध्यक्षा ऊषा अनंतसुब्रह्मण्यम (Usha Ananthasubramanian) ने किया। उल्लेखनीय है कि एक साल पहले शुरू किए गए इस बैंक की वर्तमान में 33 शाखाएं पूरे देश में फैली हुई हैं तथा सभी में कोर बैंकिंग सॉल्यूशन्स (CBS) की सुविधा तथा ब्रांच परिसर में ही ATM की सुविधा उपलब्ध है।

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7) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 19 नवम्बर 2014 को भेदिया कारोबार (Insider Trading) से सम्बन्धित लगभग दो दशक पुराने कानून को बदलते हुए कानूनों की नई श्रॄंखला को स्वीकृति प्रदान कर दी। स्वीकृत किए गए इस नए कानून में भेदिया कारोबार की क्या नई व्याख्या की गई है? – इसमें कम्पनियों के वरिष्ठ प्रबन्धकों के निकटतम रिश्तेदारों, कम्पनियों में अन्य भागीदारों जैसे संस्थापकों तथा कम्पनी से सम्बन्धित संवेदी जानकारी (sensitive information) तक पहुँच रखने वाली तृतीय-पार्टियों के लोगों को भी पहली बार भेदिया कारोबार के तहत लाया गया है

विस्तार: वर्ष 2013 के अंत में प्रस्तुत की गईं इन सिफारिशों को कानूनी अमली जामा पहना कर कोशिश की गई है कि देश के प्रतिभूति बाजारों के प्रति आम निवेशक का विश्वास बढ़े। अभी तक सिर्फ कम्पनी के संचालन में शामिल लोगों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को भेदिया कारोबार के तहत लाया जाता था लेकिन अब पहली बार भेदिया कारोबार की व्याख्या को वृहद कर इसमें रिश्तेदारों और अन्य नजदीकी लोगों को शामिल कर भेदिया कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश की गई है।

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8) भारतीय रेल ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में कुल कितने क्षेत्र विदेशी अथवा निजी कम्पनियों के लिए खोलने के लिए चिन्हित किए हैं, जैसा की भारत सरकार द्वारा देश के रेल क्षेत्र के लिए स्वीकृत एफडीआई नीति (FDI Policy for Indian Railways) में उल्लेख किया गया है? – 17

विस्तार: भारतीय रेल उन क्षेत्रों को निजी भागीदारी के लिए विदेशी अथवा निजी कम्पनियों को उपलब्ध कराना चाहता है जहाँ बहुत अधिक निवेश किया जाना अपेक्षित हैं तथा जहाँ धन के अभाव में कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। उल्लेखनीय है कि भारतीय रेल के पास कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ लाखों करोड़ रुपए का कार्य किया जाना है लेकिन निवेश की कमी के कारण कुछ विशेष कार्य नहीं किया गया है।

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9) केन्द्र सरकार ने 10 नवम्बर 2014 को नागरिक उड्डयन नीति (Civil Aviation Policy) का मसौदा (Draft) जारी किया। इसमें देश के उड्डयन क्षेत्र में संलग्न किन दो सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों को कॉर्पोरेट कलेवर प्रदान कर स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध (listing) करने का प्रस्ताव रखा गया है? – भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India – AAI) और पवनहंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड (PHHL)

विस्तार: देश की नई प्रस्तावित नागरिक उड्डयन नीति का मसौदा केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने जारी किया। अब नीति के इस मसौदे को और विचार-विमर्श के लिए नागरिक उड्डयन क्षेत्र में शामिल अन्य भागीदारों के बीच रखा जायेगा ताकि वे इसपर अपनी राय रख सकें। इसके बाद इसे अंतिम रूप देकर जनवरी 2015 से लागू किए जाने की संभावना है। इसमें भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और पवनहंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड की पारदर्शिता को और कार्यकुशलता को और बढ़ाने के लिए इन्हें कॉरपोरेट कलेवर प्रदान करने की सरकार की मंशा है। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कम्पनी एयर इण्डिया (Air India) का भविष्य तय करने के लिए एक आंतरिक विशेषज्ञ समिति को गठित करने की बात कही गई है। मसौदे में इसके अलावा क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क को सुदृढ़ करने, 6 मेट्रो शहरों के हवाई अड्डों को अंतर्राष्ट्रीय हब (hub) बनाने, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) से और हवाई अड्डे बनाने, जेट ईंधन की कीमतों को वस्तुपरक स्तर पर लाने, एयर कार्गो को बढ़ावा देने, हेलीकॉप्टर सेवाओं को बढ़ाने और यात्री सुविधाओं को और दुरुस्त करने का उल्लेख भी किया गया है।

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10) केन्द्र सरकार ने 15 नवम्बर 2014 को देश के कितने जिलों में घरेलू एलपीजी (domestic LPG) ग्राहकों के लिए एक संवर्द्धित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना (modified Direct Benefit Transfer of LPG – DBTL) लागू कर दी? – 54 जिलों में

विस्तार: इस संवर्द्धित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के तहत अब उन घरेलू एलपीजी ग्राहकों को नकद सब्सिडी हस्तांतरित करने का सीधा लाभ मिलेगा जिन्होंने अभी तक इस सुविधा का लाभ नहीं उठाया। इनको गैस बाजार भाव से खरीदनी होगी तथा सरकार सिलेण्डर बुक कराते ही सरकारी सब्सिडी के 568 रुपए उनके बैंक खाते में हस्तांतरित कर देगी जिससे वे बाजार भाव में सिलेण्डर खरीद सकेंगे। प्रत्येक परिवार को साल में 12 सब्सिडी वाले गैस सिलेण्डर प्रदान किए जायेंगे। इस सुविधा को 1 जनवरी 2015 से पूरे देश में लागू कर दिया जायेगा। माना जा रहा है कि इस योजना को पूरी तरह से लागू किए जाने पर एलपीजी सब्सिडी पर खर्च होने वाली 48,000 करोड़ रुपए की मद में 15% तक की कमी आने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इस योजना को पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने 1 जून 2013 को चालू किया था। वर्तमान केन्द्र सरकार ने इस योजना की वृहद समीक्षा कर इसमें सामने आ रही समस्याओं को सही कर योजना को संवर्द्धित (modified) स्वरूप में लागू किया है।

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  1. nannupawar says:

    super ab dekhana he UIICL exam me kitne que. aate he thenks to “NIRDESHAK”

  2. saurabh18061993 says:

    best

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