बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 41

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29 Nov, 2013

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बैंकिंग जागरूकता,


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Mutual-Funds-India

1) भारत के प्रतिभूति बाजार की विनियामक संस्था सेबी (SEBI) ने 28 अक्टूबर, 2013 को बाजार में कार्यरत म्यूचुअल फण्ड कम्पनियों को निर्देश दिया कि वे देश के तमाम जिलों में अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं तथा इसके लिए जिलों को अपना कर यहाँ से व्यवसाय बढ़ाने पर ध्यान दें। इस सम्बन्ध में सेबी ने क्रिसिल (CRISIL) की एक रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फण्ड्स इन इण्डिया (AMFI) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि भारत के म्यूचुअल फण्ड बाजार में मुख्यत: बड़े शहरों में रहने वाले लोगों का वर्चस्व है। इस रिपोर्ट के अनुसार देश के 5 बड़े शहर भारत के कुल म्यूचुअल फण्ड बाजार में अपना कितना योगदान वर्तमान में दे रहे हैं? – 74% (यहाँ यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि भारत के म्यूचुअल फण्ड बाजार की हालात लगातार खराब होती जा रही है। सितम्बर, 2013 में समाप्त हुई छमाही के दौरान लगभग म्यूचुअल फण्ड बाजार के आकार में 8% कमी आई है तथा लगभग 35 लाख खुदरा पालिसियों को निवेशकों ने वापस किया है। इस स्थिति के मद्देनज़र SEBI प्रयास कर रहा है कि अब म्यूचुअल फण्ड कम्पनियां अपना जोर देश के छोटे जिलों पर अधिक दे)

  • 2) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अक्टूबर 2013 के दौरान में गठित उस समिति का क्या नाम है जो भारत में एक ऐसे राष्ट्रीय बिल भुगतान प्रणाली विकसित करने के बारे में अपनी सिफारिश पेश करेगी जिससे देश के लोग अपने बैंक खातों का इस्तेमाल इलेक्ट्रानिक पद्धति से तमाम प्रकार के रोजमर्रा के भुगतान कर सकेंगे? – गाइरो एडवाइज़री ग्रुप – GIRO Advisory Group – GAG (इस समिति की अध्यक्षता प्रो. उमेश बेल्लुर कर रहे हैं जो IIT बम्बई में एक प्रोफेसर हैं। यह समिति दिसम्बर, 2013 तक अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। उल्लेखनीय है कि स्कूल की फीस भरने और मेडिकल बिल अदा करने जैसे रोजमर्रा के भुगतानों के लिए एक प्रभावी और आसान अखिल भारतीय भुगतान प्रणाली विकसित करने पर RBI जोर दे रहा है)

  • 3) देश के 20 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 14,000 करोड़ रुपए की पूँजी सहायता प्रदान करने के केन्द्र सरकार के अभियान (पूँजी निषेचन – Capital Infusion) के तहत प्रत्येक बैंक को प्रदान की जाने वाली पूँजी के बारे में अंतिम फैसला 23 अक्टूबर, 2013 को लिया गया। इस अभियान के तहत भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को कितनी पूँजी प्रदान करने की घोषणा की गई? – 2,000 करोड़ रुपए (पूँजी निषेचन के इस अभियान के तहत सर्वाधिक पूँजी SBI को उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि यह पूँजी निषेचन मुख्यत: दो उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया गया है – एक तो इससे अर्थव्यवस्था के उत्पादक क्षेत्रों की ऋण आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा तथा दूसरा इससे बैंकों के पूँजी पर्याप्तता अनुपात (capital adequacy ratios) को सुरक्षित स्तर पर रखा जा सकेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इस 14,000 की पूँजी निषेचन की मदद से बाजार से 10,000 करोड़ रुपए का ऋण प्राप्त कर सकेंगे)

  • 4) अक्टूबर 2013 के दौरान योजना आयोग ने रघुराम राजन समिति द्वारा भारत के राज्यों के लिए सुझाए गए विकास सूचकांक (Development Index) के माडल के द्वारा पूरी केन्द्रीय सहायता वितरित करने के विचार को खारिज कर दिया क्योंकि उसके अनुसार यह माडल इन राज्यों को संपूर्ण केन्द्रीय सहायता का बंटवारा करने के लिए उपयुक्त नहीं होगा। आयोग ने इसे खारिज करने का निर्णय मुख्यत: इस माडल के खिलाफ विभिन्न राज्यों में उठ रही आवाज को देखते हुए लिया है। इसके अलावा इस मुद्दे पर योजना आयोग ने आयोग के दो सदस्यों की एक समिति का गठन किया है जो राज्यों को बजटीय सहायता हस्तांतरित करने पर नया प्रकाश डालेगी। इस नवगठित समिति के दो सदस्य कौन हैं? – मिहिर शाह और अभिजीत सेन

  • 5) देश की वे पहली चार गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFCs) की श्रेणी में आने वाली लघु-वित्त संस्थाएं (MFIs) कौन सी हैं जिन्हें सुप्रसिद्ध क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने अक्टूबर 2013 के दौरान अपनी सर्वोच्च ग्रेडिंग ‘mfR1’ प्रदान करने की घोषणा की? – बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज (कोलकाता), एक्विटास माइक्रोफाइनेंस (चेन्नई), जनलक्ष्मी फाइनेंशियल सर्विसेजउज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज (दोनों बेंगलौर) – उल्लेखनीय है कि ‘mfR1’ ग्रेडिंग क्रिसिल द्वारा आठ अंक के पैमाने पर प्रदान की जाने वाली सर्वोच्च ग्रेडिंग (रेटिंग) है तथा इसे लघु-वित्त संस्थाओं को पहली बार प्रदान किया गया है। इसे विशेष रूप से इन श्रेणी को ध्यान में रखकर ही तैयार किया गया है)

  • 6) पार्थसारथी शोम की अध्यक्षता वाले सात सदस्यीय कर प्रशासन सुधार आयोग (TARC – Tax Administration Reforms Commission) की पहली बैठक 21 अक्टूबर, 2013 को दिल्ली में हुई। वित्त मंत्रालय के एक सलाहकार के तौर पर काम करने वाले इस महत्वपूर्ण आयोग का कार्यकाल कितना है? – 18 माह (यह आयोग 6 माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगा जिसमें अन्य बातों के अलावा आर्थिक अपराधों पर नकेल कसने के उपायों को सुझाये जाने की अपेक्षा है)

  • 7) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 19 अक्टूबर, 2013 को बड़े फण्ड ट्रांसफर करने के लिए एक नया RTGS सिस्टम शुरू किया। यह नया RTGS सिस्टम फण्ड हस्तांतरण में कई नई सुविधाएं प्रदान करता है जैसे उच्च स्तर की तरलता, ग्रिडलाक रिज़ोल्यूशन मैकेनिज़्म तथा हाईब्रिड सेटेलमेण्ट, आदि। यह नया RTGS सिस्टम किस नवीनतम ISO मानक को पूरा करता है? – ISO 20022 (उल्लेखनीय है कि RTGS भारतीय बैंकिंग प्रणाली में अंतर-बैंक धन हस्तांतरण की एक बेहद लोकप्रिय प्रणाली है। यह धन हस्तांतरण को व्यवस्थित रखती है तथा अब इसे और आधुनिक बनाया गया है। नई RTGS प्रणाली के चालू हो जाने के चलते वर्ष 2004 में लागू किए गए RTGS दिशानिर्देशों को स्थान पर नए दिशानिर्देश लागू हो गए हैं)

  • 8) अक्टूबर 2013 के दौरान यह समाचार प्रकाशित हुआ था कि देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 31 मार्च, 2013 तक 34,668 शाखाओं पर अपनी ATM मशीनें लगानी थीं जिनमें से 5,726 ATM मशीने अगस्त माह की समाप्ति तक लगाई जा चुकीं थीं। इसलिए वित्त मंत्रालय द्वारा सभी शाखाओं में ATM मशीन लगाए जाने की 31 मार्च, 2014 को समाप्त हो रही समयसीमा तक यह काम पूरा करने के लिए देश के 26 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 28,942 ATM मशीनें लगानी होंगी। इसका अर्थ हुआ कि प्रति दिन औसतन 137 ATM मशीनें लगाकर कर ही इस लक्ष्य को अब पूरा किया जा सकता है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने किस अभियान के तहत सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अपनी सभी शाखाओं को 31 मार्च, 2014 तक ATM मशीन लगाने की समयसीमा दी गई थी? – वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) अभियान के तहत (उल्लेखनीय है कि इस सम्बन्ध में वर्ष 2013-14 के बजट के दौरान घोषणा की गई थी)

  • 9) केन्द्रीय कैबिनेट ने देश में कस्टम, एक्साइज़ तथा सेवा कर के अपीलीय ट्राइब्यूनल (Customs, Excise and Service Tax Appellate Tribunal (CESTAT)) की 6 नई पीठें स्थापित करने को अपनी मंजूरी 17 अक्टूबर, 2013 को प्रदान कर दी। इन नई स्थापित की जाने वाली पीठों में से तीन नई दिल्ली, मुम्बई और चेन्नई में स्थापित की जायेंगी जहाँ पहले से ही CESTAT की पीठें संस्थापित हैं। वे कौन से तीन शहर है जहाँ CESTAT की बिल्कुल नई पीठें स्थापित की जायेंगी? – चण्डीगढ़, इलाहाबाद और हैदराबाद (उल्लेखनीय है कि वर्तमान में CESTAT की तीन-तीन पीठें दिल्ली और मुम्बई में हैं जबकि कोलकाता, चेन्नई, बेंगलौर और अहमदाबाद में इसकी एक-एक पीठ स्थापित है। CESTAT की स्थापना 1982 में कस्टम तथा एक्साइज़ आयुक्तों द्वारा किए गए निर्णयों की स्वतंत्र व निष्पक्ष सुनवाई करने के लिए की गई थी)

  • 10) वर्ष 2013 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों इयुगीन फामा (Eugene Fama), लार्स पीटर हेंसन (Lars Peter Hansen) और राबर्ट शिलर (Robert Shiller) को प्रदान करने की घोषणा 14 अक्टूबर, 2013 को की गई। इन तीन अर्थशास्त्रियों को उनके किस क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया? – परिसम्पत्तियों के मूल्यों की गणना के लिए नई पद्धतियों के विकास तथा इस विषय में किए गए उनके उल्लेखनीय अध्ययन के लिए (इन तीन अर्थशास्त्रियों ने परिसम्पत्तियों के मूल्यों की गणना के लिए आज प्रयुक्त किए जा रहे माडल का विकास किया था। इन तीन अर्थशास्त्रियों में से फामा और हेंसन जहां यूनीवर्सिटी ऑफ शिकागो से जुड़े हैं वहीं शिलर येल यूनीवर्सिटी से सम्बद्ध हैं। उल्लेखनीय है कि अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार अन्य नोबेल पुरस्कारों की तरह अल्फ्रेड नोबेल द्वारा 1895 में संस्थापित मूल नोबेल पुरस्कार नहीं है। इसे 1968 में नोबेल की स्मृति में स्वीडन के केन्द्रीय बैंक ने शुरू किया था)

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