बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 115

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Editorial Team

15 Sep, 2016

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बैंकिंग जागरूकता,


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1) देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने किस वैश्विक वैकल्पिक परिसम्पत्ति प्रबन्धन (global alternative asset manager) कम्पनी के साथ एक करार किया है जिसके तहत एक साझा उपक्रम (joint venture) गठित कर इसके द्वारा SBI की तनावपूर्ण परिसम्पत्तियों (stressful assets) में निवेश किया जायेगा? – ब्रूकफील्स एसेट मैनेजमेण्ट इंक.

विस्तार: अपने वित्तीय खातों में चढ़ी तनावपूर्ण परिसम्पत्तियों को कम करने के उद्देश्य से SBI ने जुलाई २०१६ के दौरान अमेरिका की ब्रूकफील्स एसेट मैनेजमेण्ट इंक. (Brookfield Asset Management Inc) के साथ एक समझौता किया है ताकि एक संयुक्त-उपक्रम का गठन कर इसके द्वारा तनावपूर्ण परिसम्पत्तियों में निवेश किया जाय।

इस प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम के तहत ब्रूकफील्स तनावपूर्ण परिसम्पत्तियों में लगभग 7,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगा जबकि SBI कुल निवेश के 5% हिस्से में निवेश करेगा।

इस संयुक्त उपक्रम को एक वैकल्पिक निवेश फण्ड (alternative investment fund) की भांति संचालित किया जायेगा। इस प्रकार के फण्ड का नियमन SEBI के प्रावधानों के तहत किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि ब्रूकफील्स एसेट मैनेजमेण्ट इंक. अमेरिका में मुख्यालय वाली एक वैश्विक वैकल्पिक परिसम्पत्ति प्रबन्धन कम्पनी है जिसके हाथ में 240 अरब डॉलर की परिसम्पत्तियों का प्रबन्धन है। इसको परिसम्पत्तियों के प्रबन्धन, पुन:नवीकरणीय ऊर्जा, मूलभूत संरचना तथा निजी इक्विटी के क्षेत्र में 100 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

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2) देश में “बैंकएश्योरेंस” (“Bancassurance”) के तहत हुए अब तक के सबसे बड़े समझौते के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अपनी पॉलिसियों को बेचने के लिए किस बैंक के साथ जुलाई 2016 के दौरान एक बैंकएश्योरेंस समझौता किया है? – एक्सिस बैंक (Axis Bank)

विस्तार: जुलाई 2016 के दौरान एक्सिस बैंक (Axis Bank) और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के बीच एक बैंकएश्योरेंस (“Bancassurance”) समझौता हुआ है जिसके तहत एक्सिस बैंक अपने बैंकिंग चैनल्स का इस्तेमाल करते हुए LIC की जीवन बीमा पॉलिसियों का विपणन करेगा। देश में बीमा क्षेत्र की नियामक संस्था IRDAI द्वारा बैंकों को एक से अधिक बीमा कम्पनियों की पॉलिसियाँ बेचने की अनुमति प्रदान किए जाने के बाद यह अब तक का सब से बड़ा बैंकएश्योरेंस समझौता बताया जा रहा है।

उल्लेखनीय हि कि “बैंकएश्योरेंस” के तहत बैंक अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए बीमा कम्पनियों के जीवन बीमा तथा अन्य उत्पादों का विपणन करते हैं। माना जा रहा कि बैंकएश्योरेंस की सेवा शुरू हो जाने के बाद भारत में बीमा पॉलिसियाँ बेचने में बैंकों की भूमिका बढ़ गई है।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि एक्सिस बैंक ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस (Max Life Insurance) की बीमा पॉलिसियाँ बेचने के लिए उसके साथ भी इसी प्रकार का करार किया था।

LIC एक्सिस बैंक के प्रमोटर्स में से एक है। बैंक में 12% हिस्सेदारी के साथ वह इसका दूसरा सबसे बड़ा हिस्सेदार है।

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3) भारत में गृह-वित्त के क्षेत्र में संलग्न सबसे बड़े निजी उपक्रम HDFC ने 1 अगस्त 2016 को एक नया मुकाम हासिल किया जब उसने दुनिया में अपनी तरह के पहले बाण्ड्स को लंदन स्टॉक एक्सचेंज (LSE) में जारी किया जिसका मूल्यवर्ग (Denomination) भारतीय रुपए है तथा इसमें विदेशी निवेशक निवेश कर सकेंगे। इस विशिष्ट प्रकार के बाण्ड को क्या लोकप्रिय नाम दिया गया है? – मसाला बाण्ड्स (Masala Bonds)

विस्तार: हाउसिंग डेवलपमेण्ट फाइनेंस कॉरपोरेशन (HDFC) इस प्रकार के मसाला बाण्ड्स (Masala Bonds) को जारी करने वाला दुनिया का पहला उपक्रम 1 अगस्त 2016 को बन गया। लंदन स्टॉक एक्सचेंज (LSE) में जारी इन बाण्ड्स के द्वारा HDFC ने 30 अरब रुपए (लगभग 45 करोड़ डॉलर) प्राप्त किए। इन बाण्ड्स की मैच्योरिटी 3 वर्ष की होगी तथा इनके द्वारा 8.33% की वार्षिक आय होगी। इन बाण्ड्स को हासिल करने के लिए चार गुना निवेशकों ने आवेदन किया था।

उल्लेखनीय है कि इन “मसाला बाण्ड्स” को LSE में सूचीबद्ध (list) किया जाना ब्रेक्सिट (Brexit) की घटना के बाद भारत और ब्रिटेन के वित्तीय सम्बन्धों में एक ऐतिहासिक घटना माना जा रहा है। इन बाण्ड्स के निर्गम से हासिल धन से HDFC को विदेशी निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी जबकि उसका ऋण प्रोफाइल भी समृद्ध होगा।

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4) आईडीएफसी बैंक (IDFC Bank) ने तमिलनाडु के किस सूक्ष्म-वित्त उपक्रम (microfinance institution) का अधिग्रहण करने की घोषणा 12 जुलाई 2016 को की? – ग्रामा विदियल (Grama Vidiyal)

विस्तार: ग्रामा विदियल (Grama Vidiyal) मुख्यत: तमिलनाडु में अपना संचालन करने वाला सूक्ष्म-वित्त उपक्रम (MFI) है जिसके साथ लगभग 12 लाख ग्राहक जुड़े हुए हैं। इसका कुल परिसमपत्ति आधार (asset base) लगभग 1,500 करोड़ रुपए का है।

IDFC बैंक ने ग्रामा विदियल को अधिग्रहित करने के लिए RBI से स्वीकृति हासिल कर ली है।

IDFC बैंक ने अपनी बैंकिंग गतिविधियों का संचालन 1 अक्टूबर 2015 से शुरू किया था। एक संपूर्ण बैंक बनने से पूर्व उसे इन्फ्रास्ट्रकचर क्षेत्र से जुड़ी एक वित्तीय संस्था (IDFC) के रूप में ही जाना जाता था। उल्लेखनीय है कि यह बैंक वर्ष 2014 में RBI से बैंकिंग लाइसेंस हासिल करने वाले दो उपक्रमों में से एक था। दूसरा उपक्रम बंधन बैंक (Bandhan Bank) था।

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5) 24 जुलाई 2016 को भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) से जुड़े किस ऐतिहासिक घटनाक्रम के 25 वर्ष पूरे हो गए? – आर्थिक उदारीकरण तथा सुधार

विस्तार: भारतीय अर्थव्यवस्था में उदारीकरण (liberalization) तथा सुधार (reforms) का दौर औपचारिक रूप से 24 जुलाई 1991 को तब शुरू हुआ था जब इस दिन तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने अपने ऐतिहासिक बजट को पेश कर इसका सूत्रपात किया था।

इस बजट ने दशकों से संरक्षणवाद (protectionism), लाइसेंस राज, सरकारी हस्तक्षेप (govt. intervention) तथा सोवियत युग जैसी नियोजन नीतियों का दंश झेल रही भारतीय अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाने का काम किया। मनमोहन सिंह के इस बजट में लाइसेंस राज को समाप्त करने, व्यापारिक करों तथा ब्याज दरों को कम करने, सार्वजनिक क्षेत्र के लम्बे समय से चले आ रहे एकछत्र राज (एकाधिकार) को समाप्त करने तथा कई क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के लिए स्वत: अनुमति जैसे क्रांतिकारी उपायों की घोषणा कर सुधारों की बड़ी जमीन तैयार की गई।

1991 में शुरू किए गए उदारीकरण के दौर ने देश के सेवा क्षेत्र (service sector) को बड़ा विस्तार प्रदान किया, लोगों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि लाने में भूमिका निभाई तथा गरीबों की संख्या में कमी लाने के युग का सूत्रपात किया। इससे उपभोक्ताओं के सामने विकल्पों का अंबार लग गया जबकि विदेशी निवेशकों ने बढ़-चढ़ कर भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेश किया।

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6) केन्द्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के 13 बैंकों (13 PSU banks) की पूँजी सम्बन्धी आवश्यकता लिए लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान कुल कितना धन वित्त पोषण (capital infusion) के लिहाज से जारी करने की घोषणा की? – 22,915 करोड़ रुपए

विस्तार: चालू वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान देश के सार्वजनिक क्षेत्र के 13 बैंकों को गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियों (NPAs) की समस्या से लड़ने के लिए तथा उनकी तरलता की स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार कुल 22,915 करोड़ रुपए आवंटित कर रही है।

वित्त मंत्रालय द्वारा इस सम्बन्ध में 19 जुलाई 2016 को की गई घोषणा के अनुसार इस धन का 75% हिस्सा उक्त बैंकों को आवंतित कर भी दिया गया है ताकि यह बैंक ऋण प्रदान करने के अपने कार्याकालापों को सुदृढ़ करने के लिए पहले अपनी तरलता सम्बन्धी स्थिति (liquidity position) में सुधार लाएं। वहीं इस राशि का अवशेष हिस्सा बैंकों के इस सम्बन्ध में किए गए प्रदर्शन के अनुसार बाद में जारी किया जायेगा।

देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक SBI को इस राशि का सबसे बड़ा हिस्सा 7,575 करोड़ रुपए प्रदान किया जा रहा है। इसके बाद इण्डियन ओवरसीज़ बैंक (3,101 करोड़ रुपए), पंजाब नेशनल बैंक (2,816 करोड़ रुपए), बैंक ऑफ इण्डिया (1,784 करोड़ रुपए) तथा सेण्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया (1,729 करोड़ रुपए) का स्थान आता है। वहीं इलाहाबाद बैंक को सबसे कम वित्त पोषण – 44 करोड़ रुपए ही प्रदान किया गया है।

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुनरोद्धार से सम्बन्धित इन्द्रधनुष योजना (Indradhanush Plan) के तहत वित्त मंत्रालय का इरादा वर्ष 2015 से 2019 के बीच इन बैंकों को कुल 70,000 करोड़ की सहायता प्रदान करने का है।

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7) केन्द्रीय कैबिनेट (Union Cabinet) ने 27 जुलाई 2016 को भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों में व्यक्तिगत विदेशी निवेशकों (individual foreign investors) के लिए अधिकतम हिस्सेदारी सीमा को बढ़ाकर 15% करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। अभी तक यह सीमा कितनी थी? – 5%

विस्तार: अब व्यक्तिगत विदेशी निवेशक भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों (किसी स्टॉक में) में अधिकतम 15% तक हिस्सेदारी हासिल कर सकेंगे। अभी तक यह अधिकतम सीमा 5% थी। इस सम्बन्ध में केन्द्रीय कैबिनेट ने 27 जुलाई 2016 को अपनी स्वीकृति प्रदान की।

उल्लेखनीय है कि विदेशी निवेशक मिलकर (aggregate) किसी भारतीय स्टॉक एक्सचेंज अथवा कमोडिटी एक्सचेंज में किसी स्टॉक में अधिकतम 49% हिस्सेदारी हासिल कर सकते हैं।

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8) 15 जुलाई 2016 को जारी की गई पुस्तक – ‘Who Moved My Interest Rate?’ भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के किस पूर्व गवर्नर (Governor) के संस्मरणों का संकलन है? – डी. सुब्बाराव

विस्तार: डुव्वुरि सुब्बाराव (D. Subbarao) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर हैं तथा उन्होंने वर्ष 2008 से 2013 के बीच देश के केन्द्रीय बैंक के प्रमुख की कमान संभाली थी।

आरबीआई में अपने लगभग 5 वर्ष के कार्यकाल से जुड़े संस्मरणों को उन्होंने एक पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया है जिसका शीर्षक है – “Who moved my interest rate? – Leading the Reserve Bank of India through Five Turbulent Years”।

इस पुस्तक में उन्होंने अपने कार्यकाल के तत्कालीन वित्त मंत्रियों के साथ अपने अनुभव के बारे में कई जानकारियों का विवरण दिया है। पुस्तक में यह उल्लेख किया गया है कि उनके कार्यकाल के समय के दो वित्त मंत्री (पी. चिदम्बरम और प्रणब मुखर्जी) RBI से जुड़े तमाम तथ्यों को सार्वजनिक किया करते थे।

इस पुस्तक को 15 जुलाई 2016 को जारी किया गया।

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9) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में घोषित स्कीम फॉर सस्टेनेबल स्ट्रक्चरिंग ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स (S4A) नामक योजना के तहत अपने ऋण पर रियायत हासिल करने वाला पहला उपक्रम कौन सा बनने जा रहा है? – एचसीसी (HCC)

विस्तार: पूर्व में हिन्दुस्तान कॉन्स्ट्रक्शन कम्पनी के नाम से जानी जाने वाली HCC पहली कम्पनी बनने जा रही है जिसको भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अभी कुछ समय पूर्व घोषित स्कीम फॉर सस्टेनेबल स्ट्रक्चरिंग ऑफ स्ट्रेस्ड एसेट्स (Scheme for Sustainable Structuring of Stressed Assets – S4A) के तहत अपने ऋणों पर रियायत हासिल हो सकेगी।

RBI कि इस योजना के तहत बैंकों को किसी कम्पनी के संश्यात्मक ऋणों (stressed debt) को दो भागों में विभाजित करने का अधिकार प्रदान किया गया है। कम्पनी जहाँ वसूले जा सकने वाले ऋण (sustainable debt) को अपने अधिकार में रखेगी वहीं अवशेष ऋण को इक्विटी (equity) में परिवर्तित किया जा सकेगा।

इस सम्बन्ध में HCC द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ऋणदाताओं के संयुक्त फोरम ने उसके 12,000 करोड़ रुपए के ऋण को इस योजना के तहत रियायत उपलब्ध करने की पुष्टि की है। ऋणदाताओं को 90 दिनों का समय इस योजना के कार्यान्वयन के लिए प्रदान किया गया है।

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10) यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के तहत आने वाले समस्त बैंक कर्मचारी संघों ने 28 जुलाई 2016 को एक दिन की हड़ताल रखी जिसके चलते लगभग पूरे देश की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। इस एक दिवसीय हड़ताल को रखने का मुख्य कारण क्या था? – स्टेट बैंक के चार सहयोगी बैंकों के भारतीय स्टेट बैंक में प्रस्तावित विलय का विरोध करना

विस्तार: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) देश के नौ बैंक कर्मचारी संघों तथा बैंक अधिकारी संघों का एक संयुक्त संगठन है। इसके तहत देश भर के 10 लाख से अधिक बैंक कर्मचारी आते हैं। 29 जुलाई 2016 को इस संगठन ने एक दिन की बैंक हड़ताल का आह्वान किया था जिसके चलते देश भर की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई तथा लाखों बैंक कर्मचारी अपने काम से विरत रहे।

बैंक संघ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में स्टेट बैंक के चार सहयोगी बैंकों (4 associate banks of State Bank) के प्रस्तावित विलय (merger) का विरोध कर रहे हैं। इनका मानना है कि SBI में शामिल होकर इन सहयोगी बैंकों को भी SBI के नियमों का अनुपालन करना होगा जोकि अपेक्षाकृत सख्त हैं।

इसके अलावा बैंक कर्मचारी संघ IDBI बैंक का निजीकरण किए जाने के प्रयासों, केन्द्र सरकार द्वारा तमाम बैंकिंग सुधारों के प्रस्ताव, क्षेत्रीय ग्रामीण व सहकारी बैंकों के निजीकरण के प्रयासों तथा बैंकों के विलय की नीति को आसान करने का विरोध भी कर रहे हैं।

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