बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 110

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08 May, 2016

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बैंकिंग जागरूकता,


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RBI-New-2015

1) मार्च 2016 के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकों के बचत खातों (saving accounts) के सम्बन्ध में क्या महत्वपूर्ण दिशानिर्देश बैंकों को दिया? – उसने बैंकों को निर्देशित किया कि बैंकों को बचत खातों में ब्याज का क्रेडिट तिमाही (quarterly) अथवा कम अंतराल पर करना होगा

विस्तार: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 3 मार्च 2016 को जारी एक सर्कुलर में उसने बैंकों को यह निर्देश दिया है कि उन्हें अब अपने बचत खाता (saving accounts) धारकों के खातों में ब्याज का क्रेडिट तिमाही (quarterly) आधार अथवा और कम समयावधि पर करना होगा।

वर्तमान में वाणिज्यिक बैंक अपने बचत खातों में छमाही (half-yearly) आधार पर ब्याज क्रेडिट करते हैं। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2010 से लागू नियम के अनुसार अब बचत खातों में ब्याज का निर्धारण दैनिक आधार (daily basis) पर होता है।

एक अनुमान के मुताबिक बचत खातों में क्रेडिट समयावधि को कम किए जाने के नए नियम के चलते बैंकों पर लगभग 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक बोझ पड़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि पहले बैंक अपने बचत खातों पर 3.5% वार्षिक की दर से ब्याज दिया करते थे तथा इसको बैंक में माह की 10 तारीख से माह की अंतिम तिथि तक जमा सबसे कम राशि (least amount deposited) पर अदा किया जाता था।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि जहाँ अधिकांश सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU banks) अब 4% वार्षिक ब्याज दे रहे हैं वहीं निजी बैंक बचत खातों पर अधिकतम 6% तक ब्याज दे रहे हैं।

वर्ष 2011 में RBI ने नियंत्रित ब्याज-व्यवस्था को समाप्त करते हुए बचत खातों पर बैंकों को स्वयं ब्याज तय करने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी थी।

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2) 7 मार्च 2016 को की गई घोषणा के अनुसार कौन सा बैंक संचालन शुरू करने वाला देश का पहला स्मॉल एरिया फाइनेंस बैंक – small area finance bank (स्मॉल बैंक) बनने जा रहा है? – कैपिटल लोकल एरिया बैंक

विस्तार: जालंधर में मुख्यालय वाला कैपिटल लोकल एरिया बैंक (Capital Local Area Bank – CLAB) 13 अप्रैल 2016 को अपना संचालन शुरू करेगा तथा इस प्रकार देश में संचालन शुरू करने वाला पहला स्मॉल एरिया फाइनेंस बैंक (small area finance bank – SFB) की श्रेणी वाला बैंक बनेगा।

यह उपक्रम कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड (Capital Small Finance Bank Limited) के नाम से इस नई स्मॉल बैंक श्रृंखला को स्थापित करेगा। बैंक ने 13 अप्रैल से अपना संचालन शुरू करने का फैसला इसलिए लिया है क्योंकि यह पंजाब में वैसाखी का दिन होता है, जिसे रबी फसलों की कटाई के अत्यंत शुभ दिन के रूप में माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि स्मॉल एरिया फाइनेंस बैंक उन 10 उपक्रमों में शामिल था जिन्हें वर्ष 2015 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश में स्मॉल बैंक खोलने की अनुमति प्रदान की थी। वर्तमान में यह उपक्रम एक लोकल एरिया बैंक (local area bank) के तौर पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।

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3) किस बैंक ने मार्च 2016 के दौरान अपनी क्रांतिकारी कॉन्टेक्टलैस मोबाइल पेमेण्ट सेवा (contactless mobile payments solution) शुरू की है जिसके तहत ग्राहक अब बिना क्रेडिट/डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किए NFC-तकनीक से लैस अपने मोबाइल फोन को सिर्फ मर्चेन्ट टर्मिनल में हिला कर भुगतान कर सकेंगे? – ICICI बैंक

विस्तार: ICICI बैंक मे हाल ही में अत्यंत आधुनिक तकनीक से लैस अपनी कॉन्टेक्टलैस मोबाइल पेमेण्ट सेवा शुरू की है। इसमें ग्राहकों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड को बैंक की पॉकेट्स (‘Pockets’) नामक डिज़िटल बैंकिंग/मोबाइल वॉलेट सेवा से जोड़ा जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्राहक भुगतान करते समय किसी कॉन्टेक्टलैस मर्चेन्ट टर्मिनल (contactless merchant terminal) के पास सिर्फ अपने मोबाइल फोन को हिला कर भुगतान कर सकेंगे।

भुगतान करते समय ग्राहकों के पास अपना ICICI बैंक का क्रेडिट/डेबिट कार्ड पास में रखना भी जरूरी नहीं होगा। इसके लिए सिर्फ इन कार्ड्स को “पॉकेट्स” डिज़िटल बैंकिंग सेवा से जोड़ा जायेगा। उल्लेखनीय है कि “पॉकेट्स” डिज़िटल बैंकिंग ICICI बैंक की अपनी सेवा है जिसको अभी तक 33 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है।

इस कॉन्टेक्टलैस मोबाइल पेमेण्ट सेवा में होस्ट कार्ड एम्युलेशन तकनीक (Host Card Emulation (HCE) technology) से किसी भी क्रेडिट/डेबिट कार्ड का वर्च्युअल (virtual) स्वरूप तैयार कर लिया जाता है। इस वर्च्युअल स्वरूप को बैंक के सुरक्षित क्लाउड सर्वर (secure cloud server) पर संरक्षित किया जाता है। जब मोबाइल फोन से भुगतान किया जाता है तो मोबाइल में विद्यमान पॉकेट्स एप्लीकेशन वर्च्युअल कार्ड की जानकारी बैंक के क्लाउड सर्वर से हासिल कर भुगतान को पूरा कर देता है। इस प्रकार बिना क्रेडिट/डेबिट कार्ड के सिर्फ मोबाइल फोन को हिला कर अथवा टैप कर भुगतान किया जा सकता है।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि ICICI बैंक ने इससे पहले ही NFC (Near Field Communication)-आधारित पेमेण्ट सेवा शुरू की हुई है पर यह नई कॉन्टेक्टलैस मोबाइल पेमेण्ट सेवा उससे कहीं अधिक आधुनिक तथा सहायक है।

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4) 12 मार्च 2016 को आईं मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कौन सा बैंक जल्द ही अपने क्रेडिट कार्ड धारकों (credi card holders) को मोबाइल फोन आधारित सेवा प्रदान करने जा रहा है जिसमें उन्हें बिना क्रेडिट कार्ड के मोबाइल फोन से भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध होगी? – भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

विस्तार: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने होस्ट कार्ड एम्युलेशन तकनीक (host card emulation technology – HCE) का इस्तेमाल करते हुए ऐसी सुविधा प्रदान करने की तैयारी पूरी कर ली है जिसमें क्रेडिट कार्ड के समस्त कार्यों को पूरी तरह से मोबाइल फोन में एकीकृत किया जा सकेगा। इसका अर्थ होगा कि ग्राहकों को भुगतान करने के दौरान अपना क्रेडिट कार्ड को स्वाइप कराने अथवा इसके चिप को रीड कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

फ्रांस की भुगतान सेवा कम्पनी वर्डलाइन ई पेमेण्ट सर्विसेज (Worldline e-Payment Services), जो देश में सभी प्रमुख बैंकों को अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है, इस सेवा से सम्बन्धित प्रौद्यौगिकी पर काम कर रही है।

इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि बिना क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किए समस्त प्रकार के भुगतानों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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5) निजी क्षेत्र के किस बैंक ने 8 मार्च 2016 को घोषणा की कि वह अपनी महिला कर्मियों को एक साल तक घर से काम करने का तोहफा प्रदान करेगा ताकि बैंक से योग्य महिलाओं कर्मियों का जुड़ाव लम्बे समय तक बरकरार रखा जाय? – आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)

विस्तार: निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने अपनी तरह की अनूठी घोषणा को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से जोड़ते हुए कहा कि वह अपने यहाँ काम करने वाली लगभग 21,000 महिला कर्मियों को एक साल तक घर से काम करने की सुविधा तो प्रदान करेगा ही लेकिन इसी के साथ वह व्यवासायिक दौरों पर अपने बच्चों को ले जाने की छूट भी प्रदान करेगा। इस घोषणा के पीछे मुख्य उद्देश्य बैंक में योग्य महिला कर्मियों के जुड़ाव को कायम रखना है।

उल्लेखनीय है कि ICICI बैंक की अध्यक्षता जहाँ एक महिला (चंदा कोचर) कर रही हैं वहीं बैंक के कुल 70,000 कर्मियों में से लगभग 30% महिलाएं हैं।

दो वर्ष पूर्व बैंक ने एक सर्वे कराया था जिसमें यह सामने आया था कि बैंक को छोड़ने वाली लगभग दो-तिहाई महिला कर्मियों ने इसके पीछे पारिवारिक कारणों तथा अपने बच्चों पर ध्यान देने को मुख्य कारण बताया था।

इस समस्या को संज्ञान में रखते हुए बैंक ने ‘iWork@home’ नामक एक प्रयास को एक पायलट परियोजना के तौर पर कुछ समय पूर्व शुरू किया था जिसमें महिला कर्मियों को एक साल तक घर से काम करने की अनुमति प्रदान की जायेगी। यदि यह योजना ठीक से काम करती है तो इसकी समयावधि को और बढ़ाया भी जा सकता है।

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6) सार्वजनिक क्षेत्र का भारत का वह बैंक (PSU Bank) कौन सा है जो उन चार विदेशी बैंकों में शामिल है जिन्हें म्यांमार (Myanmar) की सरकार ने अपने यहाँ 100% स्वामित्व वाली बैंक शाखाएं खोलने की प्रारंभिक अनुमति 7 मार्च 2016 को प्रदान की है? – भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

विस्तार: लम्बे समय से पश्चिमी देशों के प्रतिबन्ध में रहे दक्षिण पूर्वी देश म्यांमार ने अब अपनी अर्थव्यवस्था में बाहरी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से 7 मार्च 2016 को चार विदेशी बैंकों को अपने यहाँ अपनी 100% स्वामित्व वाली बैंक शाखाओं को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी। इन चार विदेशी बैंकों में भारत का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) भी शामिल है।

इसके अलावा इस सूची में शामिल तीन अन्य बैंक हैं – वियतनाम (Vietnam) का बैंक फॉर इनवेस्टमेण्ट एण्ड डेवलपमेण्ट (Bank for Investment and Development), ताइवान (Taiwan) का ई.सन कॉमर्शियल बैंक (E.SUN Commercial Bank) और दक्षिण कोरिया (South Korea) का शिनहेन बैंक (Shinhan Bank)। इन समस्त बैंकों को यह अनुमति म्यांमार के केन्द्रीय बैंक सेण्ट्रल बैंक ऑफ म्यांमार (Central Bank of Myanmar) ने प्रदान की है।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2015 में जापान का टोक्यो-मित्शुबीशी यूएफजे (Tokyo-Mitsubishi UFJ) म्यांमार में पिछले कई दशकों में बैंक संचालित करने की अनुमति हासिल करने वाला पहला विदेशी बैंक बना था।

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7) देश के सभी क्षेत्रीण ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Banks – RRBs) के अधिकारी तथा कर्मचारी अपनी तमाम मांगों के समर्थन में 10 मार्च 2016 से 2-दिवसीय हड़ताल पर चले गए जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग काम-काज काफी प्रभावित हो गया। हड़ताल का यह आह्वान ग्रामीण बैंक कर्मियों से जुड़े किस संगठन ने दिया था? – यूनाइटेड फोरम ऑफ रीजनल रूरल बैंक यूनियन्स (UFEEBU)

विस्तार: यूनाइटेड फोरम ऑफ रीजनल रूरल बैंक यूनियन्स (UFEEBU) ग्रामीण बैंकों के अधिकारियों तथा कर्मचारियों से जुड़े 7 विभिन्न संगठनों का एक संयुक्त संगठन है। यह संगठन क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक संशोधन विधेयक 2015 (RRBs Amendment Act 2015) के तमाम प्रावधानों का पुरजोर विरोध कर रहा है क्योंकि इस विधेयक में इन बैंकों में निजी पूँजी के निवेश को मंजूरी प्रदान की गई है जिसके चलते इस संगठन को लगता है कि इन बैंकों की सामाजिक भागीदारी सम्बन्धित भूमिका प्रभावित हो सकती है।

वर्तमान में देश भर में 56 क्षेत्रीण ग्रामीण बैंक 20,500 शाखाओं के माध्यम से देश भर के 635 जिलों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

इस दो-दिवसीय हड़ताल के चलते क्षेत्रीण ग्रामीण बैंक लगातार चार दिन के लिए बंद हो गए क्योंकि 12 व 13 मार्च बैंक अवकाश हैं।

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8) प्रमुख भारतीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (Crisil) ने 10 मार्च 2016 को किन आठ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU banks) की क्रेडिट रेटिंग (credit ratings) को घटाने (downgrade) करने की घोषणा की? – बैंक ऑफ इण्डिया, सेण्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, कॉरपोरेशन बैंक, देना बैंक, आईडीबीआई बैंक, इण्डियन ओवरसीज़ बैंक, सिण्डिकेट बैंक और यूको बैंक

विस्तार: उपरोक्त आठ बैंकों की क्रेडिट रेटिंग घटाने के अलावा क्रिसिल ने सार्वजनिक क्षेत्र के पाँच बैंकों की कुछ प्रतिभूतियों (securities) की रेटिंग को भी स्थिर (stable) से घटाकर नकारात्मक (negative) करने की घोषणा की। यह 5 बैंक हैं – आन्ध्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और पंजाब एण्ड सिंध बैंक

विस्तार: इन बैंकों की रेटिंग्स में की गई यह कमी मुख्यत: इन बैंकों की गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियों (non-performing assets – NPAs) में हुई वृद्धि के कारण की गई है।

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9) किस वित्तीय कम्पनी ने 23 मार्च 2016 को घोषणा की कि वह पेमेण्ट्स बैंक (payments bank) की स्थापना करने के प्रस्ताव को रद्द करते हुए इस सम्बन्ध में मिली RBI की सैद्धांतिक स्वीकृति को उसे सरेण्डर कर देगा? – चोलामण्डलम डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज लिमिटेड

विस्तार: चोलामण्डलम डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज लिमिटेड (Cholamandalam Distribution Services Limited – CDSL) मुरुगप्पा समूह (Murugappa Group) की वित्तीय कम्पनी चोलामण्डलम इनवेस्टमेण्ट एण्ड फाइनेंस कम्पनी लिमिटेड (Cholamandalam Investment and Finance Company Limited) की सहयोगी कम्पनी है। यह कम्पनी उन 11 कम्पनियों में से एक थी जिन्हें देश में नई श्रेणी के बैंक – पेमेण्ट्स बैंक की स्थापना करने की सैद्धांतिक अनुमति भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 27 नवम्बर 2014 को प्रदान की थी।

माना जा रहा है कि अब चोलामण्डलम डिस्ट्रीब्यूशन पेमेण्ट्स बैंक श्रेणी पर ध्यान देने के बजाय वित्तीय समावेशन (financial inclusion) सेवाओं तथा छोटे व मझोले उद्यमों वर्ग (MSME) पर अधिक ध्यान देगा। इसी निर्णय को ध्यान में रखते हुए चोलामण्डलम डिस्ट्रीब्यूशन पेमेण्ट्स बैंक खोलने की सैद्धांतिक स्वीकृति RBI को सरेण्डर कर देगा।

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10) एशियाई क्षेत्र के आर्थिक प्रदर्शन तथा भविष्य की चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक 3-दिवसीय सम्मेलन (conference) का आयोजन नई दिल्ली में किया गया जिसमें एशिया के सभी देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 13 मार्च 2016 को सम्पन्न हुई इस बैठक का शीर्षक क्या था जिसे अन्य लोग के अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा IMF प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने भी सम्बोधित किया? – “एडवांसिंग एशिया”

विस्तार: “एडवांसिंग एशिया” (“Advancing Asia”) सम्मेलन का आयोजन दिल्ली में 11 से 13 मार्च 2016 के बीच किया गया। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन को भारत सरकार तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।

इस सम्मेलन में कई मुद्दों पर विमर्श किया गया जिसमें से कुछ प्रमुख थे – विकास को गति देने वाले प्रमुख कारक, आर्थिक असमानता, लैंगिक असमानता, मूलभूत संरचना में निवेश, जलवायु परिवर्तन, पूँजी प्रवाह का प्रबन्धन तथा वित्तीय समावेशन।

इस सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत ने इस तथ्य को झुठला दिया है कि एक लोकतांत्रिक देश तेज गति से प्रगति नहीं कर सकता है।

वहीं इस सम्मेलन में अपने सम्बोधन में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund – IMF) की प्रबन्ध निदेशक (Managing Director) क्रिस्टीन लेगार्ड (Christine Lagarde) ने कहा कि उथल-पुथल वाले वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत आर्थिक स्थिरता के एक चमकते बिन्दु के रूप में उभर कर सामने आया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल्कुल उपयुक्त है कि इस बैठक के आयोजन के लिए नई दिल्ली का चयन किया गया है।

“एडवांसिंग एशिया” (“Advancing Asia”) सम्मेलन के दौरान भारत और IMF ने दक्षिण एशिया क्षेत्रीय प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता केन्द्र (South Asia Regional Training and Technical Assistance Centre) खोलने के लिए एक आशय-पत्र (MoU) पर समझौता भी किया। दिल्ली में स्थापित होने वाला यह केन्द्र आर्थिक नियोजन, संयोजन तथा IMF के तहत आने वाली नीतियों के कार्यन्वयन का आधार बनकर उभरेगा।

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