बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 102

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Editorial Team

15 Nov, 2015

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बैंकिंग जागरूकता,


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1) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने समस्याओं से जूझ रहे सार्वजनिक क्षेत्र के किस बैंक में अक्टूबर 2015 के दौरान अपनी सुधार सम्बन्धी कार्रवाइयाँ शुरू कर दी क्योंकि बैंक का प्रबन्धन समस्याओं से उबारने में सफल नहीं हुआ है? – इण्डियन ओवरसीज़ बैंक (Indian Overseas Bank – IOB)

विस्तार: चेन्नई में मुख्यालय वाला इण्डियन ओवरसीज़ बैंक (IOB) पिछले काफी समय से समस्याओं से गुजर रहा है। बैंक ने जुलाई 2014 से लगातार चार तिमाहियों में परिसम्पत्तियों पर काफी कम रिटर्न (low return on assets) अर्जित किया है।

  • इस बैंक का जून-सितम्बर 2014 के दौरान का घाटा 245 करोड़ रुपए था जबकि अक्टूबर-दिसम्बर 2014 की तिमाही के दौरान घाटा बढ़कर 516 करोड़ तक पहुँच गया।
  • चूंकि दिसम्बर 2014 में बैंक प्रबन्धन में परिवर्तन किए जाने के बावजूद बैंक की स्थितियों में कोई सुधार नहीं हुआ इसलिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपने सुधारात्मक उपाय बैंक पर लागू कर दिए।
  • सुधारात्मक उपायों के तहत बैंक की शाखाओं के विस्तार (branch expansion) तथा नए सेवायोजन (new recruitments) पर रोक लगा दी गई है। हालांकि अभी ऋण प्रदान करने पर कोई बंदिश नहीं लगाई गई है। RBI अब IOB की स्थितियों की निगरानी मासिक आधार पर कर रहा है।

2) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) तथा सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) के जासूसों ने 10 अक्टूबर 2015 को 6 हजार करोड़ से अधिक के अवैध हस्तांतरण (illegal transfers) से जुड़े एक मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के किस बैंक की दिल्ली स्थित शाखा में छापा मारा? – बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)

विस्तार: उल्लेखनीय है कि बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) के अधिकारियों के संज्ञान में हाल ही में एक ऐसा मामला आया था जिसमें बैंक की अशोक नगर (दिल्ली) स्थित शाखा में हाल ही में खुले चालू खातों से लगभग 59 कम्पनियों ने अवैध तरीके से 6,172 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा हांग कांग (Hong Kong) हस्तांतरित की थी।

  • हालांकि धन हस्तांतरण के ये सौदे की शाखा से किए गए थे लेकिन इससे बैंक को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा क्योंकि क्योंकि इन कम्पनियों को यह धन बैंक द्वारा ऋण अथवा किसी अन्य माध्यम से प्रदान नहीं किया गया था।
  • बैंक की इस शाखा द्वारा अवैध धन हस्तांतरण किए जाने की यह जानकारी बैंक के अधिकारियों को एक आंतरिक जाँच के दौरान मिली थी। बैंक में प्रयुक्त सॉफ्टवेयर से यह जानकारी मिली थी कि एक ही कम्पनी के नाम पर एक दिन में एक लाख डॉलर के कई सौदों से धन हस्तांतरित किया गया तथा इस सॉफ्टवेयर के तहत धन हस्तांतरण की अधिकतम सीमा भी एक लाख डॉलर की ही है। इसके बाद बैंक अधिकारियों के कान खड़े हुए तथा उन्होंने अपनी जाँच शुरू कर दी।

3) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष (2014-15) के दौरान किस बैंक ने देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियों (non-performing assets – NPAs) में सबसे तेजी से वृद्धि दर्ज की है? – यूको बैंक (UCO Bank)

विस्तार: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी प्राविधिक (provisional) आंकड़ों के अनुसार कोलकाता में मुख्यालय वाले यूको बैंक (UCO Bank) ने वर्ष 2014-15 के दौरान अपनी गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियों (NPAs) में 3.58 अंक की भारी वृद्धि दर्ज की जिससे उसकी पिछले वर्ष के 4.47% से बढ़कर 8.05% हो गई। इसक बाद इण्डियन ओवरसीज़ बैंक तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र का स्थान था जिन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान अपने NPAs में क्रमश: 3.46 तथा 3.02 अंकों को वृद्धि दर्ज की। इसके चलते उनके NPA क्रमश: 8.30% तथा 6.18% तक पहुँच गईं। उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के NPA में हुई भारी वृद्धि के कारण केन्द्र सरकार चालू वित्तीय वर्ष के दौरान इन बैंकों को 25,000 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।


 

4) देश के किस निजी बैंक को म्यूचुअल फण्ड (Mutual Fund) व्यवसाय करने की अनुमति भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अक्टूबर 2015 के दौरान प्रदान की? – यस बैंक (Yes Bank)

विस्तार: म्यूचुअल फण्ड खोलने की RBI की अनुमति मिलने की जानकारी यस बैंक के प्रशासन ने 12 अक्टूबर 2015 को साझा की। इसके अनुसार यस बैंक म्यूचुअल फण्ड की स्थापना करेगा जिसके लिए एक एसेट मैनेजमेण्ट कम्पनी (AMC) और एक ट्रस्टी कम्पनी का गठन किया जायेगा। बैंक का मानना है कि म्यूचुअल फण्ड की अनुमति मिल जाने से वह अपने खुदरा तथा संस्थागत खातेदारों की बचत को इक्विटी तथा डेब्ट बाजार में निवेश करने के लिए बेहतर तरीके से आकर्षित कर पायेगा।

  • यस बैंक वर्तमान में भारत का पाँचवां सबसे बड़ा बैंक है। माना जा रहा है कि म्यूचुअल फण्ड व्यवसाय में उतरने के बाद वह अपने विस्तॄत विपणन नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल कर पायेगा।

5) विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund – IMF) के गवर्नर बोर्ड की वार्षिक बैठक 6-12 अक्टूबर 2015 को किस शहर में हुई जिसमें दोनों बहुपक्षीय वित्त संस्थाओं के 188 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए? – लीमा – Lima (पेरू)

विस्तार: विश्व बैंक समूह (WBG) तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) विश्व की दो सर्वप्रमुख वित्तीय संस्थाएं हैं अत: इनकी वार्षिक बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

  • एक सप्ताह चलने वाली इस बैठक में सभी 188 सदस्य देशों के वित्त मंत्री तथा केन्द्रीय बैंकों के गवर्नर शामिल होते हैं। इसके अलावा एक अनुमान के अनुसार इन बैठकों में विश्व भर के लगभग 16,000 प्रतिनिधि लीमा में जमा हुए।
  • इस बैठकों में मुख्यत: अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मुद्दों, वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थितियों तथा वित्तीय गतिविधियों पर चर्चा की जाती है। इसके अलावा गरीबी को कम करने के उपायों तथा विकासोन्मुख उपायों पर भी चर्चा की जाती है।
  • उल्लेखनीय है कि 48 वर्षों बाद WB/IMF की वार्षिक बैठक की लैटिन अमेरिका में वापसी हुई। इससे पहले अंतिम बार यह बैठक लैटिन अमेरिका में 1967 में हुई थी जब ब्राज़ील (Brazil) के रियो डि जनेरो (Rio de Janeiro) में इसका आयोजन किया गया था।

Yuan-China-2015

6) चीन ने 8 अक्टूबर 2015 को अपनी बहु-प्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली को लाँच किया जिससे उसकी मुद्रा युआन (Yuan) को वैश्विक मुद्रा के रूप में खड़ा करने में सहयोग मिलेगा। इस भुगतान प्रणाली का नाम क्या है? – चाइना इंटरनेशनल पेमेण्ट सिस्टम (China International Payment System – CIPS)

विस्तार:  चाइना इंटरनेशनल पेमेण्ट सिस्टम (CIPS) की शुरूआत को चीन को अपनी मुद्रा को वैश्विक आयाम देने के प्रयासों में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे युआन की क्लियरेंस को चीन की मुख्य भूमि (Mainland) से संचालित किया जा सकेगा जबकि अभी तक इसके लिए विदेशों में स्थित ऑफशोर केन्द्रों का उपयोग किया जा रहा था।

  • इस भुगतान प्रणाली के शुरू हो जाने से विदेशों में युआन में होने वाले सौदों का निपटारा तथा सम्बन्धित क्लियरेंस सेवाओं को चीन से संचालित करना संभव हो जायेगा। इससे युआन को अंतर्राष्ट्रीय विनिमय मुद्रा (international exchange currency) के रूप में प्रयुक्त करने में आने वाली बाधाएं समाप्त हो जायेंगी।
  • अभी तक युआन में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सौदों का क्लियरेंस करने के लिए चीन हांकांग, सिंगापुर तथा लंदन जैसे स्थानों पर ऑफशोर क्लियरिंग बैंकों अथवा इन बैंकों की चीन स्थित शाखाओं पर निर्भर था।
  • उल्लेखनीय है कि नवम्बर 2014 में युआन विश्व की अग्रणी पाँच अंतर्राष्ट्रीय भुगतान मुद्राओं में शामिल हो गई थी जब इसने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और कनाडियन डॉलर को इस मामले में पीछे छोड़ दिया था।

7) देश के किस निजी क्षेत्र के बैंक ने अक्टूबर 2015 के दौरान दावा किया कि वह वीज़ा (Visa) के हाल ही में जारी किए गए मोबाइल पेमेण्ट सॉल्यूशन “एम-वीज़ा” (M-Visa) पर आधारित मोबाइल एप्लीकेशन लाँच करने वाली दुनिया की पहली कम्पनी बन गई है? – ICICI बैंक (ICICI Bank)

विस्तार: देश में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक – ICICI बैंक ने हाल ही में Visa के  मोबाइल पेमेण्ट सॉल्यूशन “एम-वीज़ा” (M-Visa) पर आधारित एक ऐसा एप्लीकेशन लाँच किया है जिसके माध्यम से लोग वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर, ई-कॉमर्स सेवाओं के लिए, रेडियो टैक्सी सेवाओं तथा अन्य भुगतानों के लिए भुगतान अपने स्मार्टफोन से कर सकेंगे।

  • इस सेवा के द्वारा ICICI बैंक की पॉकेट्स (Pockets) नामक मोबाइल वॉलेट सेवा के प्रयोगकर्ता एम-वीज़ा के क्विक-रिस्पांस (Quick Response – QR) कोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन कर कैशलेस भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए भुगतान हालांकि डेबिट कार्ड से होगा लेकिन उसे प्रतिष्ठानों पर स्वाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे भुगतानों में लगने वाले समय को काफी कम किया जा सकेगा।
  • इस सुविधा को प्रारंभ में बैंगलुरु के 1500 प्रतिष्ठानों में शुरू किया गया है।

8) अक्टूबर 2015 के दौरान जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2015 के दौरान देश ने राजकोषीय स्थिति (Fiscal position) में क्या महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की? – लगभग 8 वर्ष बाद अगस्त 2015 के दौरान ऐसा मौका आया जब भारत का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) ऋणात्मक (negative) रहा

विस्तार: कंट्रोलर-जनरल ऑफ एकाउण्ट्स Controller-General of Accounts – CGA) द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2015 के दौरान भारत का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) ऋणात्मक (negative) 15,808 करोड़ रुपए था। इसका अर्थ हुआ कि इस माह के दौरान केन्द्र सरकार की राजस्व प्राप्तियाँ (revenue receipts) उसके खर्चों (expenditures) से अधिक थीं। राजकोषीय संतुलन के क्षेत्र में ऐसी स्थिति 8 वर्ष बाद हासिल हुई है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि अगस्त 2014 के दौरान देश का राजकोषीय घाटा 73,005 करोड़ रुपए था।

  • अगस्त 2015 के दौरान केन्द्र सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियाँ 1,47,022 करोड़ रुपए थीं जबकि उसका कुल खर्च 1,31,214 करोड़ रुपए था। यदि इसकी जुलाई 2015 के समान आंकड़े से तुलना की जाय तो उस दौरान सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियाँ 71,578 करोड़ रुपए तथा कुल खर्च 1,69,986 करोड़ रुपए था।
  • राजकोषीय घाटा तब होता है जब केन्द्र सरकार के खर्च उसकी राजस्व प्राप्तियों से अधिक होते हैं। अगस्त 2015 के दौरान देश के राजस्व संतुलन में आई घनात्मक स्थिति आठ वर्ष बाद संभव हुई है। इसका मुख्य कारण इस माह के दौरान केन्द्र सरकार की राजस्व प्राप्तियों में हुआ भारी इजाफा है।

Nobel-Economics-Angus-Deaton-2015

9) वर्ष 2015 के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize for Economics) किसे प्रदान करने की घोषणा 12 अक्टूबर 2015 को की गई? – एंगस डेटन – Angus Deaton (अमेरिकी अर्थशास्त्री)

विस्तार: एंगस डेटन अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित प्रिंसटन यूनीवर्सिटी (Princeton University) में प्रोफेसर हैं तथा उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उपभोग (consumption), गरीबी (poverty) तथा जनकल्याण (welfare) पर उनके द्वारा की गई समीक्षा के लिए प्रदान किया जा रहा है।

  • अर्थशास्त्र के क्षेत्र में डेटन के अनुसंधान ने माइक्रो-इकोनॉमिक्स, मैक्रो-इकोनॉमिक्स तथा विकासात्मक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में तमाम तब्दीलियाँ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें जिस क्षेत्र के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है वह मुख्यत: तीन प्रकार के उत्तर प्रदान करने में मदद करता है अ) उपभोक्ता किस प्रकार अपने खर्च को विभिन्न उत्पादों के मध्य बाँटते हैं? ब) समाज द्वारा अर्जित आय का कितना भाग व्यय किया जाता है तथा कितने भाग की बचत की जाती है? तथा स) हम किस प्रकार जनकल्याण तथा गरीबी का मापन तथा उसकी समीक्षा कर सकते हैं?
  • उल्लेखनीय है कि अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार एल्फ्रेड नोबेल (Alfred Nobel) द्वारा स्थापित नोबेल पुरस्कारों में शामिल नहीं है तथा इसे देने का सिलसिला 1968 से शुरू हुआ जब इसे स्वीडन के केन्द्रीय बैंक – बैंक ऑफ स्वीडन (Bank of Sweden) ने प्रदान करना शुरू किया था। हालांकि इसके विजेता को चुनने का तरीका नोबेल पुरस्कार के अन्य विजेताओं के लिए होने वाले चयन के तरीके जैसा ही है तथा इसे नोबेल के अन्य विजेताओं के साथ ही प्रदान किया जाता है लेकिन सच यही है कि यह मूलत: नोबेल पुरस्कार नहीं है।

10) क्रेडिट स्विस (Credit Suisse) द्वारा वैश्विक धन पर जारी नवीनतम रिपोर्ट (Global Wealth Report) के अनुसार कौन सा देश अमेरिका को पछाड़कर विश्व का सबसे अधिक मध्यवर्गीय जनसंख्या (middle-class population) वाला देश बनकर उभरा है? – चीन (China)

विस्तार: स्विट्ज़रलैण्ड के बैंक क्रेडिट स्विस द्वारा हाल ही में जारी Global Wealth Report में खुलासा किया गया कि 10.9 करोड़ व्यस्क मध्यवर्गीय जनसंख्या के साथ चीन अब विश्व का सबसे बड़ा मध्यवर्गीय जनसंख्या वाला देश बन गया है। उसने इस मामले में अमेरिका को पछाड़ दिया है जहाँ मध्यवर्गीय जनसंख्या का आकार लगभग 9.2 करोड़ है। रिपोर्ट के अनुसार चीन की अब विश्व जनसंख्या में 5% हिस्सेदारी है जबकि कुल वैश्विक धन-सम्पदा में उसका दसवाँ हिस्सा है।

  • इस रिपोर्ट में यह उल्लेख भी किया गया कि अब आर्थिक विकास में मध्यवर्गीय जनसंख्या के आकार तथा इस जनसंख्या के हाथों में रहने वाली धन-सम्पदा का प्रमुख स्थान है। इसके अलावा उपभोक्ता प्रवृत्तियों में नए बदलावों तथा राजनीतिक आंदोलनों में मध्यवर्ग की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।
  • रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 के मध्य तक वैश्विक धन-सम्पदा में 5% की कमी दर्ज हुई है, हालांकि इसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के मूल्य में हुई वृद्धि है, जो धन मापन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली मुद्रा है।


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