बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 67

Site Administrator

Editorial Team

07 Sep, 2014

1571 Times Read.

बैंकिंग जागरूकता,


RSS Feeds RSS Feed for this Article



Read this in English

PMJDY-2

1) देश की बैंकिंग व्यवस्था से बाहर विद्यमान लोगों को बैंकिंग की मुख्यधारा से जोड़ने की केन्द्र सरकार की महात्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में किया। इस एक दिन लगभग 1.5 करोड़ नए बैंक खाते इस योजना के तहत खोल कर देश में वित्तीय छुआछूत को समाप्त करने की दिशा में पहला बड़ा सशक्त कदम उठाया गया। PMJDY के तहत खाता खोलने वाले लोगों को मुख्यत: क्या लाभ प्रदान किए गए हैं?

PMJDY के तहत मुख्य लाभ हैं –

प्रत्येक खाताधारक को रुपे (RuPay) का डेबिट कार्ड

एक लाभ रुपए का दुर्घटना बीमा प्रत्येक खाताधारक को

5,000 रुपए तक ओवरड्राफ्ट (overdraft) की सुविधा प्रत्येक खाताधारक को

26 जनवरी 2015 तक इस योजना के तहत खाता खुलवाने वाले खाताधारक को 30,000 रुपए तक का अतिरिक्त दुर्घटना बीमा

…………………………………………………………………………..

2) 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई प्रधानमंत्री जन-धन योजना का स्लोगन क्या है? – “मेरा खाता भाग्य विधाता”

 …………………………………………………………………………..

3) केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के तहत बैंकों द्वारा खोले गए खातों की संख्या की पुष्टि के लिए किस पेशेवर सेवा कम्पनी की अपनी सेवाएं प्रदान करने के लिए रखा है? – KPMG

विस्तार : KPMG मुख्यत: यह पुष्टि करने की कोशिश करने की कोशिश करेगा कि इस महात्वाकांक्षी योजना के तहत बैंकों द्वारा खाते खोले जाने की संख्या कितनी सही है। उल्लेखनीय है कि इस सम्बन्ध में KPMG द्वारा की गई पुष्टि से केन्द्र सरकार को योजना शुरू करने के पहले दिन खाते खोलने का एक विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिशों को और मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई इस योजना के तहत 1.8 करोड़ से 2 करोड़ खाते खोले जाने की बात कही जा रही है, जिसके लिए तमाम बैंकों द्वारा पेश आंकड़ों को आधार बनाया गया है। केन्द्र सरकार की इस महात्वाकांक्षी योजना (PMJDY) के देश के लगभग 7.5 करोड़ बिना बैंक खाते वाले परिवारों के लिए कम से कम एक बैंक खाता खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

…………………………………………………………………………..

4) भारत के किस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने 5 सितम्बर 2014 को बच्चों के लिए “पहला कदम” और “पहली उड़ान” नामक दो नए बचत बैंक उत्पाद जारी किए? – भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

विस्तार : भारतीय स्टेट बैंक द्वारा शुरू किए गए “पहला कदम” नामक बच्चों के बचत बैंक खाते के तहत किसी भी आयुवर्ग का अव्यस्क (minor) इस खाते को अपने माता-पिता अथवा अभिभावक की मदद से संयुक्त रूप से संचालित कर सकता है। वहीं “पहली उड़ान” नामक बच्चों के बचत बैंक खाते को सिर्फ दस साल से ऊपर के ऐसे अव्यस्क खोल एवं संचालित कर सकेंगे जो एक जैसे हस्ताक्षर (uniform signature) करने में सक्षम हों। इन विशेष खातों के लिए SBI ने विशेष ब्राण्डेड पासबुक और चेकबुक जारी की हैं। इसके अलावा सभी खाताधारकों को फोटो वाला विशेष एटीएम-कम-डेबिट कार्ड प्रदान किया जायेगा। बच्चों के प्रयोग के लिए होने के बावजूद इन खातों में इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, रेकरिंग डिपॉज़िट, बिल भुगतान जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं हैं।

…………………………………………………………………………..

5) अगस्त 2014 के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने यह घोषणा की कि सभी प्रकार के क्रेडिट-कार्ड आधारित लेन-देन के लिए दो-चरण वाली प्रमाणन पद्धति (two-step authentication for credit card transactions) को अपनाया जाना आवश्यक है। RBI की इस घोषणा को किए जाने का मुख्य मंतव्य क्या है? – कुछ सेवा प्रदत्ताओं द्वारा अपने ग्राहकों को तथाकथित कस्टमर-फ्रेंडली क्रेडिट-कार्ड भुगतान का तरीका उपलब्ध कराने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना जिसके कारण बहुधा दो-चरण वाली प्रमाणन पद्धति की अनदेखी की जाती है

व्याख्या : उल्लेखनीय है कि कुछ सेवा प्रदत्ता कम्पनियां अपने ग्राहकों को अधिक यूज़र-फ्रेंडली भुगतान का तरीका उपलब्ध कराने की होड़ में दो-चरण वाली क्रेडिट-कार्ड प्रमाणन की पद्धति को नहीं अपना रहे हैं। अब ऐसे सेवा प्रदत्ताओं पर नकेल कसने की तैयारी में है क्योंकि इससे देश को विदेशी मुद्रा का नुकसान भी होता है।

…………………………………………………………………………..

6) कमोडिटी वायदा (Commodity Futures market) बाजार में भण्डारण सुविधाओं (warehousing facilities) को बेहतर बनाने के उद्देश्य से इस क्षेत्र की विनियामक संस्था फॉर्वर्ड मार्केट्स कमीशन – FMC (यानि वायदा बाजार आयोग) ने कौन सा महत्वपूर्ण प्रस्ताव अगस्त 2014 के दौरान रखा है? – भण्डारण सुविधाएं प्रदत्ताओं के लिए समान मान्यता सम्बन्धी नियमों की अवस्थापना

व्याख्या : इस विषय पर फॉर्वर्ड मार्केट्स कमीशन (FMC) ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि यह आवश्यक है कि देश में सभी भण्डारण सुविधाएं प्रदत्ताओं के लिए एक समान मान्यता (accreditation) सम्बन्धी नियम बनाएं जाएं। FMC ने इस विषय पर अपने मसौदा प्रस्ताव (draft proposal of rules) जारी किए हैं जिनपर 15 सितम्बर 2014 तक तमाम सम्बन्धित पक्ष और जनता अपनी राय प्रस्तुत कर सकेगी। इन मसौदा प्रस्तावों को 5,600 करोड़ रुपए के नेशनल स्पॉट एक्सचेंज (NSEL) घोटाले के चलते सख्त व प्रभावी नियमों को तैयार करने की पहल के तहत तैयार किया गया है। अभी तक देश में भण्डारण सुविधाएं प्रदत्ताओं के लिए अलग-अलग नियम बने थे जिससे उन्हें एक समान मंच पर लाकर कार्य करने के लिए प्रेरित करना मुश्किल हो रहा था।

…………………………………………………………………………..

7) केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने केन्द्र सरकार द्वारा घोषित रेट्रोस्पेक्टिव आय कर संशोधन (retrospective tax amedments) से सम्बन्धित मामलों की जाँच के लिए एक 4-सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन  28 अगस्त 2014 को किया। किस सरकारी अधिकारी को इस समिति की अध्यक्षता सौंपी गई है? – CBDT की विदेशी कर एवं कर अनुसंधान इकाई-प्रथम के संयुक्त सचिव (Joint Secretary of the Foreign Tax and Tax Research Unit -1 of CBDT)

विस्तार : उल्लेखनीय है कि रेट्रोस्पेक्टिव आयकर से सम्बन्धित मामलों के लिए एक प्रणाली विकसित करने की घोषणा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 10 जुलाई 2014 को प्रस्तुत वर्ष 2014-15 के आम बजट में की थी। यह समिति मूल्यांकन अधिकारी (assessment officer) से रेट्रोस्पेक्टिव कर के मामले की जाँच सौंपे जाने के 60-दिनों के भीतर अपना फैसला सुनाने का प्रयास करेगी। उल्लेखनीय है कि रेट्रोस्पेक्टिव कर वह कर होता है जिसके बारे में कर अदा करने वाले व्यक्ति/प्रतिष्ठान का मानना होता है कि किसी विशेष कारण के चलते आयकर विभाग ने उससे अपेक्षित कर सीमा से अधिक दर पर थोंपा गया है।

…………………………………………………………………………..

8) भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्ष 2014-15 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान GDP विकास दर कितनी रही जोकि मार्च 2012 के बाद से अब तक की सबसे तीव्र विकास दर है? – 5.7%

विस्तार : उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (CSO) द्वारा 29 अगस्त 2014 को जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2014-15 की पहली तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था की विकास दर 5.7% रही जोकि पिछले साल (2013-14) की समान समयावधि के दौरान की 4.6% की विकास दर से कहीं अधिक है। इसके अलावा यह विकास दर मार्च 2012 के बाद से अब तक की सबसे तेज तिमाही विकास दर है। इस वृद्धि में मुख्य भूमिका विद्युत, गैस व ऊर्जा, फाइनेंसिंग, बीमा, रियल इस्टेट जैसे क्षेत्रों में दर्ज शानदार विकास ने निभाई है।

…………………………………………………………………………..

9) प्राकृतिक गैस (natural gas) के मूल्य निर्धारित करने के लिए फार्मूला सुझाने के लिए गठित केलकर समिति (Kelkar Committee) का इस मुद्दे पर सर्व-महत्वपूर्ण सुझाव क्या है जिसे समिति ने अगस्त 2014 के दौरान जारी किया है? – भारत में प्राकृतिक गैस के मूल्यों को बाजार-आधारित (market- linked) ही रखना चाहिए

विस्तार : उल्लेखनीय है कि घरेलू बाजार में प्राकृतिक गैस के मूल्य तय करने के बारे में यथोचित फार्मूला सुझाने के लिए वर्ष 2013 में इस समिति का गठन पूर्व वित्त सचिव विजय केलकर की अध्यक्षता में किया गया था। इस समिति ने तमाम दौर की बहस के बाद मूल्यों को बाजार-आधारित करने की यह सिफारिश की है। समिति ने अपनी सिफारिशों में कहा कि जहाँ तक संभव हो प्राकृतिक संपदाओं का मूल्य अधिकाधिक रखना चाहिए तथा इसे बाजार पर आधारित करना चाहिए। इससे देश में ऊर्जा सुरक्षा (energy security) का माहौल कायम किया जा सकेगा जिससे घरेलू प्राकृतिक गैस का कार्यकुशल तरीके से दोहन कर महंगी विदेशी गैस के आयात से भविष्य में बचा जा सकेगा। इस समिति ने अपनी पहली रिपोर्ट जनवरी 2014 के दौरान पेश की थी।

…………………………………………………………………………..

10) टाटा समूह के मानद अध्यक्ष रतन टाटा ने हाल ही में किस ऑनलाइन बिक्री कम्पनी में अपना निजी निवेश किया है? – स्नैपडील डॉट कॉम (Snapdeal.com)

विस्तार : स्नैपडील में रतन टाटा द्वारा किए गए निजी निवेश के मूल्य के बारे में हालांकि कोई खुलासा नहीं किया गया है। स्नैपडील इस समय फ्लिपकार्ट (Flipkart) के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी ऑनलाइन बिक्री कम्पनी है और लगभग 4 वर्ष पूर्व अस्तित्व में आने के बाद से लेकर अब तक इसने लगभग 40 करोड़ डॉलर की पूँजी बाजार से निवेश के लिए हासिल की है। वर्तमान में यह विभिन्न प्रकार के 50 लाख से अधिक उत्पाद बेच रही है तथा इसका दावा है कि पिछले दो सालों में इसकी वार्षिक वृद्धि दर 600% रही है।

…………………………………………………………………………..

Responses on This Article

Previous Responses on This Article

  1. vishal maru says:

    important and useful material

  2. Sudheer Kashyap says:

    nice

  3. Pawan1791992 says:

    Nice sir

  4. MAYA PRAKASH says:

    GOOD

  5. Deep Dahiya says:

    kya khu sir …mst h ekdum student k liye nic…

  6. sheevendra says:

    good

© NIRDESHAK. ALL RIGHTS RESERVED.