बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 50

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16 Feb, 2014

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बैंकिंग जागरूकता,


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1) भारत सरकार के डाक विभाग – इण्डिया पोस्ट (India Post) ने जनवरी 2014 के दौरान अपनी महात्वाकांक्षी योजना की घोषणा करते हुए बताया कि वह अपने खाता-धारकों के लिए देश भर में स्थित अपने डाकघरों में 3,000 ATM तथा 1.35 माइक्रो-एटीएम (micro-ATM) मशीनें लगाएगा । इस योजना की शुरूआत 5 फरवरी 2014 को दिल्ली, चेन्नई और बैंगलौर में ATM मशीनों की स्थापना से की गई तथा अब इस योजना को आगे विस्तारित किया जायेगा। इस महात्वाकांक्षी को पूरा करने के लिए इण्डिया पोस्ट ने क्या समयसीमा तय की है? – सितम्बर 2015 (उल्लेखनीय है कि इस योजना के तहत इण्डिया पोस्ट पहले साल में लगभग 1,000 ATM लगाने की तैयारी कर रहा है तथा इसे 18 महीने में बढ़ाकर 3,000 तक पहुँचाया जायेगा। शुरू में ATM की यह सुविधा इण्डिया पोस्ट के अपने खाता-धारकों को ही प्रदान की जायेगी तथा बाद में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की अनुमति मिल जाने के बाद इस सुविधा को अन्य बैंकों के ग्राहकों के लिए खोल दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि भारत में इस समय डाक विभाग के तहत होने वाली बचत का कुल मूल्य लगभग 6.05 खरब रुपए है जोकि भारत के सबसे बड़े बैंक SBI में जमा जनता की कुल बचत का लगभग आधा है तथा यह देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक ICICI बैंक से दोगुना है)

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2) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर रघुराम राजन द्वारा 28 जनवरी 2014 को जारी तीसरे तिमाही की मौद्रिक समीक्षा (third quarter monetary policy review) में सबसे महत्वपूर्ण रेपो दर (Repo Rate) में 0.25% की वृद्धि किए जाने के बाद रेपो दर का नवीनतम आंकड़ा क्या है? – 8% (इस वृद्धि के चलते ऋण लेने वालों की EMI दरें बढ़ने तथा व्यवसायों के लिए ब्याज दर ऊँची होने की स्पष्ट संभावना दिख रही है। इस वृद्धि के चलते रिवर्स रेपो दर (Reverse Repo Rate) भी बढ़कर 7% हो गई है जबकि मार्जिनल स्टेण्डिंग रेट (MSR) और बैंक दर 9% हो गई है। हालांकि अर्थव्यवस्था में तरलता की स्थिति संतोषजनक होने के चलते RBI ने कैश रिज़र्व रेशियो (CRR) को 4% के स्तर पर यथावत रखा है)

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3) RBI ने 28 जनवरी 2014 को घोषित जारी तीसरे तिमाही की मौद्रिक समीक्षा के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था और मौद्रिक गतिविधियों के बारे में अपनी एक रिपोर्ट (Macroeconomic and Monetary Developments Report) भी जारी की। इसमें वर्ष 2013-14 के दौरान देश की आर्थिक प्रगति की रफ्तार (सकल घरेलू उत्पादन की विकास दर – GDP growth rate) कितनी रहने की बात कही गई है? – 5% से कम (RBI ने अपनी रिपोर्ट में मुख्यत: मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र की मंदी का हवाला देते हुए कहा कि इसके चलते विकास दर 5% से कम रहने की संभावना है। हालांकि RBI ने यह भी कहा कि अगले वित्तीय वर्ष (2014-15) के दौरान अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी सुधर कर 5.5% होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013-14 के पहले भाग में विकास दर मात्र 4.6% रही थी)

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4) राष्ट्रीय नवाचार परिषद (National Innovation Council (NInC)) और पिद्दी. लघु व मध्यम उपक्रम मंत्रालय (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises) द्वारा 27 जनवरी 2014 को घोषित उस नए कोष का नाम क्या है जिसके माध्यम से समाज के निचले स्तर पर विद्यमान लोगों को उन्नयन सुनिश्चित कर तथा ऊर्जावान बना कर ऊपर उठाने का प्रयास किया जायेगा? – भारत समावेशित उन्नयन कोष – India Inclusive Innovation Fund – IIIF (इस कोष को स्थापित करने की घोषणा राष्ट्रीय नवाचार परिषद के अध्यक्ष सैम पित्रौदा ने की। यह कोष 500 करोड़ रुपए की निधि वाला स्वायत्त कोष होगा जिसमें केन्द्र सरकार 20% आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। शेष धन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कम्पनियों, बहुपक्षीय/द्विपक्षीय विकास एजेंसियों तथा भारत व विदेश की कार्पोरेट कम्पनियों द्वारा प्रदान किया जायेगा)

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5) केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2012-13 के दौरान देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर कितनी रहना का नया अनुमान 31 जनवरी 2014 को प्रस्तुत किया गया? – 4.5% (उल्लेखनीय है कि यह नया अनुमान केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए पूर्व अनुमान 5% से 0.5% कम है। सरकार ने बताया कि यह कमी मुख्य रूप से कृषि, खनन और मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में दर्ज की गई गिरावट के चलते आयी है। 4.5% की वृद्धि दर पिछले एक दशक की सबसे कम विकास दर है तथा इससे पहले इससे कम विकास दर 2002-03 में मात्र 4% दर्ज की गई थी)

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6) केन्द्र सरकार ने 30 जनवरी 2014 को घरेलू LPG गैस के उपभोक्ताओं को एक बड़ी राहत देते हुए सब्सिडी वाले गैस सिलेण्डरों की ऊपरी सीमा को वर्तमान 9 सिलेण्डर प्रति वर्ष से बढ़ाकर 12 सिलेण्डर प्रति वर्ष कर दिया। इसके साथ ही सरकार ने उपभोक्ताओं को हो रही दिक्कतों के मद्देनज़र घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस-सिलेण्डर पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे आधार प्लेटफार्म से जुड़े बैंक खाते में हस्तांतरित करने की योजना पर भी रोक लगाने की घोषणा कर दी। सब्सिडी वाले घरेलू गैस सिलेण्डरों की ऊपरी सीमा को बढ़ाए जाने के बाद अब कितने प्रतिशत घरेलू गैस उपभोक्ता सब्सिडी पाने के हकदार हो जायेंगे, जिसके बारे में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने दावा किया? – लगभग 97% (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली ने दावा किया कि अभी तक देश के 15 करोड़ घरेलू गैस उपभोक्ताओं में से 89.2% एक साल में अधिकतम 9 सिलेण्डर इस्तेमाल कर रहे थे तथा सब्सिडी वाले सिलेण्डरों की संख्या 9 से 12 करने पर सब्सिडी का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 97% हो जायेगी)

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7) राजस्थान में विश्व के अब तक के सबसे बड़े 4,000 मेगावाट के सौर ऊर्जा केन्द्र की स्थापना के लिए देश में अपनी तरह के पहले संयुक्त उपक्रम स्थापित करने की घोषणा 29 जनवरी 2014 को की गई। इसके तहत भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड और पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इण्डिया समेत कुल 6 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSUs) राजस्थान में यह विशाल सौर ऊर्जा केन्द्र स्थापित करने के लिए एक संयुक्त उपक्रम स्थापित करेंगे। यह सौर उपक्रम राजस्थान के किस स्थान पर लगाया जायेगा? – सांभर (उल्लेखनीय है कि इस विशाल परियोजना के अंतर्गत राजस्थान के सांभर में 19,000 एकड़ क्षेत्र में इस सौर ऊर्जा केन्द्र को लगाया जायेगा। इसके पहले चरण में कुल 7,500 करोड़ रुपए का निवेश किया जायेगा। इस संयुक्त उपक्रम में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL) की 26% हिस्सेदारी, भारत सौर ऊर्जा निगम (SECI) की 23% हिस्सेदारी, सांभर साल्ट लिमिटेड (SSL) की 16%, पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इण्डिया लिमिटेड (PGCIL) की 16%, सतलुज जलविद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) की 16% तथा राजस्थान इलेक्ट्रानिक्स एण्ड इंस्ट्रूमेण्ट्स लिमिटेड (REIL) की शेष 3% हिस्सेदारी होगी)

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8) भारत की पहली मोनोरेल – मुम्बई मोनोरोल (Mumbai Monorail) की सेवाएं आम जनता के लिए 2 फरवरी 2014 को खोल दी गईं। इससे पहले एक दिन पहले इस सेवा का अधिकारिक उद्घाटन 1 फरवरी को किया गया था। इस मोनोरेल सेवा का स्वामित्व व संचालन किस प्राधिकरण के हाथ में है? – मुम्बई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण – Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) (उल्लेखनीय है कि 3,000 करोड़ रुपए की इस परियोजना को दो चरणों में क्रियान्वित किया जायेगा। MMRDA परियोजना के पहले चरण में 1,900 करोड़ रुपए का व्यय कर चुकी है जिसमें दूसरे चरण का सिविल निर्माण कार्य भी शामिल है। परियोजना का वाणिज्यिक संचालन 2 फरवरी को वडाला को चेम्बूर (Wadala-Chembur) से जोड़ने वाली मोनोरेल लाइन पर शुरू हुआ जब इस लाइन की पहली मोनोरेल वडाला से सुबह सात बजे निकली। मुम्बई मोनोरेल परियोजना सिर्फ भारत नहीं अपितु पूरे उपमहाद्वीप की पहली ऐसी परियोजना है। मोनोरेल सेवा वर्तमान में चीन, जापान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, यूरोप और अमेरिका में संचालित हो रही है)

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9) ई-गवर्नेन्स सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कम्पनी वकरांगी लिमिटेड (Vakrangee Ltd.) का नाम जनवरी 2014 के दौरान बैंकिंग सेवाओं के सम्बन्ध में क्यों चर्चा में आया है? – क्योंकि हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वकरांगी लिमिटेड को भारत में व्हाइट लेबल ATM (White Label ATM (WLA)) संचालित करने के लिए लाइसेंस प्रदान किया है (उल्लेखनीय है कि RBI द्वारा कम्पनी को दिए गए लाइसेंस के अंतर्गत कम्पनी को आगामी तीन साल के भीतर देश भर में 15,000 व्हाइट लेबल ATM स्थापित करने होंगे। उल्लेखनीय है कि व्हाइट लेबल ATM वे ATM होते हैं जो बैंकों के बजाय गैर-बैंकिंग कम्पनियों द्वारा संचालित किए जाते हैं। इसके लिए लाइसेंस प्राप्त करने वाली कम्पनी को की सभी कड़ी शर्तों का अनुपालन करना होता है तथा उसे अधिकार होता है कि वह अपने ब्राण्ड का नाम इस ATM सेवा को दे (जैसे इस मामले में उदाहरण के लिए वकरांगी ATM))

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10) टाटा कैमिकल्स ने 23 जनवरी 2014 को अपनी स्थापना की हीरक जयंती (Diamond Jubilee) मनाई तथा इस अवसर पर कम्पनी के प्रबन्ध निदेशक (MD) आर. मुकुन्दन ने बाम्बे स्टाक एक्सचेंज (BSE) में परंपरागत घण्टा बजा कर समारोह को मनाया। 75 साल पहले टाटा कैमिकल्स ने अपने पहले नमक व सोडा-ऐश उत्पादन केन्द्र की स्थापना की थी? – मीठापुर, गुजरात (टाटा समूह का जुड़ाव मीठापुर से तब हुआ था जब समूह ने 1939 में यहां स्थित ओखा साल्ट वर्क्स का व्यवसाय खरीदा था। मीठापुर द्वारिका तथा ओखा के बीच बसा एक छोटी सी टाउनशिप है जिसकी प्रशासन टाटा समूह की प्रमुख कम्पनी टाटा कैमिकल्स लिमिटेड द्वारा किया जाता है)

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