बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 49

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09 Feb, 2014

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बैंकिंग जागरूकता,


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CGTMSE

1) भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत के पहले महिला बैंक – भारतीय महिला बैंक (BMB) ने बिना किसी गिरवी सुरक्षा (collateral) के महिलाओं को 1 करोड़ रुपए तक का ऋण प्रदान करने की घोषणा की है। बिना किसी गिरवी सुरक्षा के ऐसे ऋणों का जोखिम किस संस्था/संगठन द्वारा वहन किया जायेगा? – सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी निधि ट्रस्ट द्वारा – Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises – CGTMSE (उल्लेखनीय है कि CGTMSE लघु अथवा पिद्दी उद्यमों के लिए 80% तक ऋण प्रदान करता है । इस ऋण गारंटी योजना के तहत लिए गए ॠण के एवज में प्रीमियम का भुगतान ऋण लेने वाले व्यक्ति अथवा आवेदक द्वारा किया जाता है। भारतीय महिला बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20,000 रुपए तक के ऋण के लिए किसी भी प्रकार की गिरवी सुरक्षा की जरूरत नहीं होगी)

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2) विदेशी निवेश की वर्तमान व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने के उद्देश्य से भारत सरकार विदेशों से भारत में होने वाले निवेश को दो श्रेणियों – विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (Foreign Portfolio Investment (FPI)) और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment (FDI)) में विभाजित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इन दोनों माध्यमों से होने वाले कुल निवेश की अधिकतम सीमा 49% रहेगी। इस विषय पर गठित कौन सी समिति विदेशी निवेश की इन दो श्रेणियों को तैयार करने का सुझाव देने जा रही है? – अरविन्द मायाराम समिति (केन्द्र सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और संस्थागत विदेशी निवेश (FII) को लेकर होने वाले संशयों को दूर करने के मुद्दे पर सुझाव देने के लिए आर्थिक मामलों से सम्बन्धित विभाग के सचिव अरविन्द मायाराम की अध्यक्षता में एक चार-सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने जनवरी 2014 के अंतिम सप्ताह के दौरान अपनी अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की)

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3) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा मौद्रिक ढांचे को मजबूत करने के लिए उपायों की सिफारिश करने के लिए गठित उस समिति का अध्यक्ष कौन है जिसने जनवरी 2014 के दौरान अपनी दी गई सिफारिशों में यह कहा है कि मुद्रास्फीति को 4% के स्तर पर रखने का लक्ष्य रखना चाहिए तथा इसमें 2% तक कमी/वृद्धि का बैण्ड लागू किया जाना चाहिए? – उर्जित पटेल – Urjit Patel, जोकि भारतीय रिज़र्व बैंक के उप-गवर्नर हैं

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4) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जनवरी 2014 के दौरान भारत में बैंकों के बोर्डों के कामकाज की समीक्षा करने के लिए एक आठ-सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति अन्य विषयों के अलावा बैंकों के स्वामित्व के ढांचे तथा वेतन ढांचे की समीक्षा भी करेगी। इस उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का अध्यक्ष किसे बनाया गया है? – पी.जे. नाइक – PJ Naik (पी.जे. नाइक एक्सिस बैंक के पूर्व अध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chairman & CEO) हैं। यह समिति मुख्य रूप से बैंकों के बोर्ड के नियामक अनुपालन सम्बन्धी मुद्दों, बैंक बोर्ड की कार्यप्रणाली तथा जोखिम प्रबन्धन में भूमिका का विस्तृत आकलन व समीक्षा करेगी)

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5) कौन सा बैंक हाल ही में 9000% लाभांश (dividend) देकर जनवरी 2014 के दौरान चर्चा में आया, जोकि भारतीय बैंकिंग में हाल फिलहाल में दिया जाने वाला सर्वाधिक लाभांश है? – तमिलनाड मर्केन्टाइल बैंक – Tamilnad Mercantile Bank – TMB (तमिलनाडु के तूतीकोरण में मुख्यालय वाले इस बैंक ने वर्ष 2013 के लिए 10 रूपए के वास्तविक मूल्य (face value) वाले प्रति शेयर के लिए 900 रुपए का लाभांश देने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि TMB बैंक ने इसके पहले 2008-09 में 750 रुपए प्रति शेयर तथा इसके अगले वर्ष 1,000 रुपए प्रति शेयर लाभांश देने की घोषणा की थी)

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6) 20 जनवरी 2014 को कौन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के उप-गवर्नर (Deputy-Governor) के पद से सेवानिवृत्त हुआ? – आनंद सिन्हा (सिन्हा के सेवानिवृत्त होने के चलते उनके काम-काज को RBI के शेष तीन उप-गवर्नरों – के.सी. चक्रवर्ती, एच.आर. खान और उर्जित पटेल में बांटा गया है। सिन्हा के पास कुल आठ विभागों का काम-काज था जिनमें से प्रमुख हैं बैंकिंग संचालन एवं विकास विभाग, जोखिम प्रबन्धन, सूचना प्रौद्यौगिकी और खर्च व बजटीय नियंत्रण विभाग)

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7) केन्द्र सरकार ने 20 जनवरी 2014 को रेल के यात्री भाड़े और माल भाड़े पर सुझाव देने के लिए एक अस्थाई प्राधिकरण की स्थापना करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी। इस प्राधिकरण का क्या नाम है? – रेल भाड़ा प्राधिकरण – Rail Tariff Authority  (उल्लेखनीय है कि इस प्रस्तावित प्राधिकरण में एक अध्यक्ष तथा चार सदस्य होंगे। यहा यह बता देना आवश्यक होगा कि सरकारी स्वीकृति द्वारा प्राधिकरण बनाने की यह वैकल्पिक व्यवस्था इसलिए की जा रही है क्योंकि इसे विधायी तरीके से गठित करना, जैसा की पहले केन्द्रीय कैबिनेट ने इच्छा व्यक्त की थी, इसलिए संभव नहीं था क्योंकि रेलवे कानून के तहत रेल सेवा सम्बन्धी किसी भी कीमत का निर्धारण सिर्फ रेलवे बोर्ड द्वारा किया जा सकता है। इसीलिए अब रेलवे कानून, 1989 में संशोधन करना भी अपेक्षित हो गया है)

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8) भारत की एक प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने जनवरी 2014 के दौरान यूरोप, एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के साथ एक नई अंतर्राष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ए.आर.सी. रेटिंग्स एस.ए. (ARC Ratings S.A.) की शुरूआत की है। नेटवर्क-आधारित यह नई रेटिंग एजेंसी वैश्विक पूँजी प्राप्त करने की इच्छुक विश्व भर की कारपोरेट कम्पनियों को रेटिंग सेवाएं उपलब्ध करायेगी। इस नई कम्पनी में शामिल भारतीय रेटिंग एजेंसी कौन सी है? – केयर (क्रेडिट एनालिसिस एण्ड रिसर्च ) – CARE (उल्लेखनीय है कि ARC रेटिंग्स का मुख्यालय लंदन में होगा तथा इसमें शामिल सभी रेटिंग एजेंसियों की बराबर की हिस्सेदारी होगी)

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9) चीन की अर्थव्यवस्था ने वर्ष 2013 के दौरान 7.7% की वृद्धि दर हासिल की जोकि उसके हिसाब से काफी कम मानी जाती है। यह विकास दर किस साल के बाद की चीन की सबसे कम विकास दर है? – 1999 (उल्लेखनीय है कि यह विकास दर चीन की पिछले 14 साल की सबसे कम विकास दर है। इससे पहले उसकी सबसे कम विकास दर 7.6% थी जोकि 1999 के दौरान दर्ज की गई थी। पिछले दशक में चीन की विकास दर दो अंकों में रही थी तथा 2010 में इसने अंतर्राष्ट्रीय मंदी को धता बताते हुए इस साल में 10.4 की विकास दर दर्ज की थी। इसका कारण चीन की सरकार द्वारा 586 अरब डालर का भारी-भरकम विकास पैकेज उपलब्ध कराना था। लेकिन अब यह कम होती विकास दर चीन द्वारा अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में झेली जा रही चुनौतियों और इसका सामना करने की उसकी तैयारियों को प्रकाश में ले आई है)

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10) किस स्टाक एक्सचेंज ने वर्ष 2013 में लगातार दूसरे साल विश्व का सबसे बड़ा स्टाक एक्सचेंज (कुल इक्विटी सौदों के आधार पर) बने रहने का मुकाम हासिल किया? – राष्ट्रीय स्टाक एक्सचेंज (NSE), भारत (World Federation of Exchanges (WFE) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 के दौरान NSE के कुल इक्विटी सौदों की संख्या लगभग 145 करोड़ रही, जो कि वर्ष 2012 के मुकाबले 3% अधिक है। NSE इसके चलते विश्व के 51 बड़े स्टाक एक्सचेंजों में सबसे बड़ा बना रहा। वहीं NSE के प्रतिस्पर्धी BSE का स्थान इस सूची में एक स्थान खिसक कर आठवाँ हो गया। हालांकि BSE पर सूचीबद्ध कम्पनियों की संख्या 4000 से अधिक है लेकिन इसके कुल इक्विटी सौदों की संख्या 2012 के मुकाबले 3% घट कर 34.46 करोड़ रही। वर्ष 2013 के दौरान चीन के शेनज़ेन स्टाक एक्सचेंज (Shenzhen Stock Exchange – SSE) के कुल इक्विटी सौदों की संख्या 129 करोड़ रही और उसने NYSE Euronext को तीसरे स्थान पर ढकेल कर इस सूची में दूसरा स्थान हासिल कर लिया। इस दौरान SSE के सौदों की संख्या में 38% की जबर्दस्त वृद्धि हुई)

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  1. saurabh29 says:

    GOOD

  2. Sujeet Kumar says:

    Nice

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