बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 47

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13 Jan, 2014

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बैंकिंग जागरूकता,


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Financial-Inclusion-3

1) देश के हर नागरिक को वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने (Financial Inclusion) पर सुझाव देने के उद्देश्य से भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा गठित नचिकेत मोर समिति ने 7 जनवरी 2014 को अपनी रिपोर्ट RBI को सौंप दी। इस समिति की एक महत्वपूर्ण सिफारिश यह है कि 18 वर्ष से ऊपर की आयु वाले प्रत्येक भारतीय नागरिक यूनीवर्सल इलेक्ट्रानिक बैंक खाता खोला जाय। सभी नागरिकों के लिए यह खाता खोलने के लिए नचिकेत मोर समिति ने क्या समयसीमा सुझाई है? – 1 जनवरी 2016 (इस समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि 18 वर्ष की आयु वाले प्रत्येक नागरिक को आधार (Aadhaar) नम्बर जारी किए जाने के बाद भारत के विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIAI) द्वारा बैंक खाता खोलने का आदेश जारी किया जाना चाहिए। समिति ने अपनी सिफारिशों में यह भी कहा कि RBI को यह निर्देश जारी करना चाहिए कि ऐसे किसी भी व्यक्ति का बैंक खाता खोलने से कोई बैंक इंकार नहीं कर सकता है जिसने KYC (मुख्यत: आधार) नियमों का अनुपालन किया है)

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2) कौन सा देश 1 जनवरी 2014 को यूरो ज़ोन (Eurozone) का अठारहवाँ सदस्य देश बन गया? – लाट्विया – Latvia (बाल्टिक सागर पर स्थित यह पूर्व सोवियत गणराज्य लाट्विया आर्थिक मंदी की छाया से निकल कर हाल ही में यूरोप की सबसे तेजी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आया है। लाट्विया को यूरो ज़ोन में शामिल करने का निर्णय 28-सदस्यीय यूरोपीय संघ (EU) के वित्त मंत्रियों ने 9 जुलाई 2013 को लिया था। ये ध्यान देने वाला तथ्य है कि 28-सदस्यीय यूरोपीय संघ जहाँ यूरोपीय देशों की एक राजनीतिक इकाई है वहीं यूरो ज़ोन 17 देशों का वह समूह है जहाँ यूरो नामक एकीकृत मुद्रा प्रचलित है। यूरोपीय संघ के सभी देश यूरो मुद्रा का प्रयोग नहीं करते हैं, जैसे ग्रेट ब्रिटेन जोकि संघ का सदस्य होने के बाद भी अपनी पारंपरिक मुद्रा पाउण्ड का प्रयोग करता है)

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3) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 31 दिसम्बर 2013 को उन सभी अटकलों में विराम लगा दिया जिसमें कहा जा रहा था कि 1 जनवरी 2014 से बैंक उन मुद्रा नोटों को स्वीकार नहीं करेंगे जिनमें हाथ की लिखावट अंकित है। हालांकि RBI ने यह भी कहा कि वह नोटों पर लिखने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के पूरे प्रयास करता रहेगा तथा इस सम्बन्ध में आम जनता, संस्थाओं तथा अन्य पक्षों के सहयोग की अपेक्षा करेगा। इस सम्बन्ध में RBI द्वारा वर्ष 2013 में जारी की गई नीति को किस नाम से जाना जाता है? – “क्लीन नोट पालिसी” – “Clean Note Policy” (वर्ष 2013 के दौरान RBI ने इस नीति की घोषणा करते हुए कहा था कि यह देखा गया है कि कुछ बैंक की शाखाओं में भी नोटों पर लिखने की प्रवृत्ति बदस्तूर जारी है और इस पर लगाम लगाना आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि बैंकनोटों की वर्तमान स्वचालित प्रोसेसिंग व्यवस्था के चलते लिखे हुए नोटों को पुन: उपयोग में लाना संभव नहीं होता है जिससे ऐसे नोट इस प्रकार की प्रोसेसिंग के लिए अनुपयुक्त हो जाते हैं)

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4) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 23 दिसम्बर 2013 को बिटक्वाइन (Bitcoin) जैसी वर्चुअल मुद्रा (virtual currency) के प्रयोगकर्ताओं, धारकों तथा डीलर्स को चेतावनी जारी कर इस प्रकार की मुद्रा की सुरक्षा व संरक्षा के बारे में आशंका जारी कर उन्हें आगाह किया। बैंक ने यह चेतावनी क्यों जारी की? – क्योंकि बिटक्वाइन जैसी वर्चुअल करेंसी को अभी भारत की सरकार तथा केन्द्रीय बैंक ने मान्यता नहीं प्रदान की है (उल्लेखनीय है कि बिटक्वाइन, लाइटक्वाइन्स (litecoins), बीबीक्यूक्वाइन्स (bbqcoins), डोगक्वाइन्स (dogecoins), आदि जैसी वर्चुअल मुद्रा को वैकल्पिक मुद्रा के रूप में शुरू किया गया है। इसे प्राय: इंटरनेट पर किए गए कार्य के पारिश्रमिक के तौर पर दिया जाता है तथा इसे क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग कर सुरक्षा प्रदान की जाती है। लेकिन ऐसी मुद्रा को जारी करने में किसी केन्द्रीय एजेंसी की भूमिका नहीं होती है तथा तमाम नेटवर्क इसे अपनी जिम्मेदारी पर जारी करते हैं)

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5) केन्द्र सरकार ने दिसम्बर 2013 के दौरान घोषणा की कि राष्ट्रीय पिद्दी, लघु एवं मध्यम उपक्रम संस्थान (National Institute for Micro, Small and Medium Enterprises (NIMSME)) को राष्ट्रीय लघु एवं मध्यम उपक्रम विश्वविद्यालय (National SME University) में परिवर्तित करने की घोषणा केन्द्र सरकार ने की। NIMSME कहां स्थित है? – हैदराबाद में (केन्द्र सरकार ने अपने इस निर्णय की घोषणा के स्वर्ण जयंती समारोह में हैदराबाद में 21 दिसम्बर 2013 को की)

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6) 20 दिसम्बर 2013 को किसे भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पहली महिला प्रबन्ध निदेशक (MD) नियुक्त किया गया है? – ऊषा सांगवान को (उल्लेखनीय है कि 1956 में संस्थापित किए जाने के बाद से LIC के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी महिला को निगम की प्रबन्ध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के कारण लगभग दो वर्ष के बाद निगम में प्रबन्ध निदेशकों की संख्या चार हो जायेगी। निगम के अन्य तीन प्रबन्ध निदेशक हैं – एस.बी. मैनाक, सुशोभन सरकार और वी.के. शर्मा)

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7) भारत के वित्तीय बाजार उस समय हैरान रह गए जब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर रघुराम राजन द्वारा 18 दिसम्बर 2013 को प्रस्तुत की गई मौद्रिक नीति की मध्य तिमाही समीक्षा में प्रमुख दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। इस समीक्षा में लघु अवधि की ब्याज दर (रेपो दर) को यथावत रखा तथा नकद आरक्षी अनुपात (cash reseve ratio – CRR) में भी कोई परिवर्तन नहीं किया। इस घोषणा से बाजार ने क्यों अपनी हैरानी और आश्चर्य व्यक्त किया? – क्योंकि लगभग समस्त उद्योग जगत सभी प्रमुख ब्याज दरों में कम से कम एक चौथाई फीसदी (25 bps) की वृद्धि का अनुमान लगाए था क्योंकि मुद्रास्फीति की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है (RBI ने कहा कि वह आने वाले समय में वह मुद्रास्फीति की स्थिति और अमेरिका के फेडरेल रिज़र्व द्वारा लिए गए निर्णयों के आधार पर दरों के सम्बन्ध में कोई निर्णय लेगा)

RBI की उक्त समीक्षा के सर्वप्रमुख बिन्दु

  • – प्रमुख दरों तथा नकद आरक्षी अनुपात में कोई परिवर्तन नहीं
  • – रेपो दर 7.75% पर यथावत तथा नकद आरक्षी अनुपात 4% पर यथावत
  • – इस सम्बन्ध में नई घोषणा करने से पहले RBI स्थितियों का आकलन करेगा
  • – विकास का वैश्विक दृष्टिकोण अभी भी संतुलित ही है

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8) भारत के बीमा नियामक IRDA ने दिसम्बर 2013 के दौरान जारी अपने आंकड़ों में यह तथ्य प्रस्तुत किया कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के एजेण्ट निजी जीवन बीमा कम्पनियों के एजेण्टों की तुलना में 10 गुना अधिक पालिसियां बेच रहे हैं। उल्लेखनीय है कि LIC के एजेण्टों ने पिछले साल भी कम व्यवसाय वाली स्थितियों में भी शानदार प्रदर्शन किया था। IRDA के आंकड़ों के अनुसार का एक औसत LIC एजेण्ट कितनी जीवन बीमा पालिसियां बेच रहा है? – 29 (LIC के एजेण्टों की देश भर में संख्या लगभग 11.72 लाख है जबकि सभी निजी कम्पनियों के बीमा एजेण्टो की कुल संख्या 9.49 लाख है)

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9) 23 दिसम्बर 2013 से एक सप्ताह के लिए बहुप्रतीक्षित इन्फ्लेशन इंडेक्स्ड बाण्डस (inflation indexed bonds) को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। उपभोक्ता मूल्यों से लिंक किए गए इन बाण्ड्स को क्या नाम दिया गया है जिनका उद्देश्य उपभोक्ताओं की बचत को बढ़ती मुद्रास्फीति से बचाकर मुद्रास्फीति की दर से कहीं अधिक रिटर्न निवेशकों को उपलब्ध कराना है? – इन्फ्लेशन इंडेक्स्ड नेशनल सेविंग्स सिक्योरिटीज़ – कुमुलेटिव (Inflation Indexed National Savings Securities – Cumulative)

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10) केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 20 दिसम्बर 2013 को घोषणा की कि पश्चिमी घाट में खनन, खुदाई, बालू की खुदाई तथा अन्य सभी प्रकार की औद्यौगिक गतिविधियों पर पूरी तरह से पाबंदी लागू रहेगी। यह निर्णय इस सम्बन्ध में आई एक उच्च-स्तरीय कार्यसमूह की रिपोर्ट के बाद लिया गया जिसमें इस क्षेत्र में इन समस्त गतिविधियों पर पाबंदी लगाई जाने की बात कही गई थी। इस कार्यसमूह का अध्यक्ष कौन है? – के.कस्तूरीरंगन, जो कि योजना आयोग में सदस्य (विज्ञान) हैं (इस रिपोर्ट में यह कहा गया था कि पश्चिमी घाट का लगभग 37% हिस्सा (60 हजार वर्ग किमी.) पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील है)

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