बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 22

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26 Mar, 2013

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बैंकिंग जागरूकता,


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1) भारत में आवासीय ऋणों के लिए नियामक संस्था कौन सी है? – राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB)

2) एक्चूरियल (Actuarial) शब्दावली किस क्षेत्र से सम्बन्धित है? – बीमा (एक्चूरियल के तहत जीवन बीमा पालिसियों के पालिसी मूल्य की गणना करने के लिए तमाम वैज्ञानिक और गणितीय माडल्स का प्रयोग किया जाता है। एक्चूरियल बीमा क्षेत्र से जुड़ा एक विशेषज्ञतापूर्ण क्षेत्र है)

3) आरटीजीएस (RTGS) प्रणाली में किस प्रकार का धन हस्तांतरण होता है? – अंतर-बैंक हस्तांतरण (Inter-bank Transfer)

4) ओपन मार्केट आपरेशन्स में भारतीय रिज़र्व बैंक क्या करता है? – इसके तहत भारतीय रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों को खुले बाज़ार में बेच या खरीद कर बैंकिंग व्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करने का प्रयास करता है

5) 12वीं पंचवर्षीय योजना में देश में शहरी गरीबों के लिए केन्द्र सरकार ने किसकी अध्यक्षता में एक समिति का गठन वर्ष 2011 में किया? – प्रो. अमिताभ कुण्डु

6) टोबिन टैक्स का सम्बन्ध किस क्षेत्र से है?- विदेशी मुद्रा लेन-देनों पर लगाया जाने वाला कर, जिसको लगाने का सुझाव नोबेल पुरस्कार प्राप्त अर्थशास्त्री जेम्स टोबिन ने 1978 में दिया था

7) The Rediscovery of India – (दि रिडिस्कवरी आफ इण्डिया) – इस पुस्तक का लेखक कौन है? – मेघनाद देसाई

8) शब्द ‘MPLADS’ का पूरा अर्थ क्या है? – Member of Parliament Local Area Development Scheme

9) केन्द्र सरकार ने 25 मार्च 2013 को तमाम छोटी बचत योजनाओं में मिलने वाले ब्याज में 0.10% प्रतिवर्ष कमी करने की घोषणा कर दी। सरकार की इस घोषणा से लोक भविष्यनिधि (PPF), पोस्ट ऑफिस बचत खातों, NSC, से जुड़े करोड़ों लोगों की आय प्रभावित होगी। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में केन्द्र सरकार द्वारा पिछले साल लिया गया वह निर्णय है, जिसमें कहा गया था कि छोटी बचत योजनाओं के ब्याज को बाजार दर से जोड़ा जायेगा। बाजार की दर से जोड़ने का यह निर्णय सरकार ने किस समिति द्वारा दिए गए सुझावों को ध्यान में रखकर लिया था? – श्यामला गोपीनाथ समिति (इस समिति ने ही सिफारिश की थी कि छोटी बचतों की प्राप्तियों को बाजार की दर से जोड़ा जाना चाहिए और इसके लिए सरकार को हर वित्त वर्ष की शुरुआत से पहले ही बाजार दर की घोषणा कर देनी चाहिए। 25 मार्च 2013 को सरकार द्वारा बचत दरों को कम करने का निर्णय इसी से सम्बन्धित है। ब्याज दरों में यह कमी 1 अप्रैल 2013 से प्रभावी होगी)

कुछ प्रमुख लघु बचत योजनाओं पर उपरोक्त घोषणा का प्रभाव :

  • PPF (लोक भविष्यनिधि) : वार्षिक ब्याज दर 8.8% से घट कर 8.7% हुई
  • NSC (राष्ट्रीय बचत योजना 5 वर्ष की मियाद वाली) :  वार्षिक ब्याज 8.6% से घटकर 8.5% हुआ
  • NSC (राष्ट्रीय बचत योजना 10 वर्ष की मियाद वाली) : वार्षिक ब्याज 8.9% से घटकर 8.8% हुआ
  • SCSS (वरिष्ठ नागरिक बचत योजना) : वार्षिक ब्याज दर 9.3% से घट कर 9.2% हुई
  • MIS (मासिक बचत योजना) 5 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाली : वार्षिक ब्याज दर 8.5% से घट कर 8.4% हुई

 

10) वित्तीय क्षेत्र में विधायी सुधार के लिए गठित आयोग Financial Sector Legislative Reforms Commission (FSLRC), जिसका गठन लगभग 2 वर्ष पूर्व किया गया था, ने 22 मार्च 2013 को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इस रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र के वर्तमान नियमन और विधायी व्यवस्था में व्यापक सुधार करने पर जोर दिया गया है। वित्तीय क्षेत्र में विधायी सुधार के लिए गठित आयोग का अध्यक्ष कौन है? – न्यायमूर्ति बी.एन. श्रीकृष्णा, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश

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