बैंकिंग एवं वित्तीय सचेतना – भाग 112

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Editorial Team

25 Jul, 2016

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बैंकिंग जागरूकता,


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RBI-Licensing-2016

1) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 4 मई 2016 को “ऑन-टैप” यूनीवर्सल बैंक लाइसेंस (‘on-tap’ universal bank licence) के सम्बन्ध में अपने मसौदा प्रस्ताव (draft proposals) जारी किए। “ऑन-टैप” बैंक लाइसेंस से क्या तात्पर्य है? – “ऑन-टैप” लाइसेंस प्रणाली के तहत बैंकिंग लाइसेंस के लिए उपक्रम कभी भी अपने आवेदन दे सकते हैं

विस्तार: उल्लेखनीय है कि भारतीय रिज़र्व बैंक वर्तमान में बैंक लाइसेंस के लिए यदा-कदा ही इच्छुक उपक्रमों से आवेदन हासिल करने की प्रक्रिया को संचालित करता है। यह प्रक्रिया बहुत कम दफा संचालित की जाती है तथा इसके पूरे होने क बाद कोई उपक्रम देश में बैंक खोलने के लिए आवेदन नहीं कर सकता है।

लेकिन “ऑन-टैप” लाइसेंसिंग प्रणाली के तहत इच्छुक उपक्रम कुछ शर्तों के साथ कभी भी यह आवेदन कर सकेंगे। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि RBI के गवर्नर रघुराम राजन के नेतृत्व में RBI देश के बैंकिंग क्षेत्र को अधिक विविधापूर्ण तथा विस्तारित करना चाहता है।

“ऑन-टैप” बैंकिंग लाइसेंस की प्रक्रिया को शुरू कर बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा सुधार लाने की कोशिश RBI करना चाह रहा है।

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2) निजी क्षेत्र का कौन सा बैंक 19 अप्रैल 2016 को नवोदित व्यवसायों (स्टार्ट-अप्स – start-ups) के लिए विशेषत: समर्पित (exclusive) बैंक शाखा खोलकर इस वर्ग के लिए विशेष बैंक शाखा खोलने वाला देश का पहला निजी बैंक बन गया है? – आरबीएल बैंक (RBL Bank)

विस्तार: आरबीएल बैंक (RBL Bank) ने स्टार्ट-अप्स की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से इस वर्ग के लिए पूर्णतया समर्पित पहली बैंक शाखा बंगलूरु (Bengaluru) में खोली। इसके साथ ही यह बैंक स्टार्ट-अप्स के लिए शाखा खोलने वाला देश का पहला निजी बैंक बन गया।

इस शाखा के द्वारा आरबीएल बैंक स्टार्ट-अप्स को बैंकिंग सेवाएं जैसे विदेशी-मुद्रा आधारित सेवाएं, तमाम भुगतान सम्बन्धी सेवाएं, नकद प्रबन्धन सेवाएं, आदि प्रदान करेगा। वहीं स्टार्ट-अप्स को पंजीकरण, विधि एवं कर सम्बन्धी सेवाएं भी बैंक द्वारा प्रदान की जायेंगी। बैंक अब इस तरह की विशेषीकृत शाखाओं को जल्द ही दिल्ली-NCR, मुम्बई तथा चेन्नई में खोलने की प्रक्रिया में संलग्न है।

आरबीएल बैंक (जिसका पूर्व नाम रत्नाकर बैंक लिमिटेड था), निजी क्षेत्र का अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक है जिसका मुख्यालय महाराष्ट्र के कोल्हापूर में है।

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3) आरबीआई ने पियर-टू-पियर लैण्डिंग प्लेटफॉर्म्स (peer-to-peer (P2P) lending platforms) के लिए कौन सा प्रमुख प्रस्तावित दिशानिर्देश 28 अप्रैल 2016 को जारी किया? – उसने इस दिशानिर्देश में प्रस्ताव रखा कि पियर-टू-पियर लैण्डिंग प्लेटफॉर्म्स को गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFCs) के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए

विस्तार: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 28 अप्रैल 2016 को जारी प्रस्तावित मसौदा पत्र में यह उल्लेख किया कि पियर-टू-पियर लैण्डिंग प्लेटफॉर्म्स (peer-to-peer (P2P) lending platforms) के कार्यों को केन्द्रीय बैंक की नियामक प्रणाली के तहत लाने के लिए उन्हें  गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (non-banking finance companies – NBFCs) के रूप में पंजीकृत किया जाना चाहिए। RBI ने अपने इस प्रस्ताव के लिए सम्बन्धित पक्षों से 31 मई 2016 तक फीडबैक तथा सुझाव मांगे हैं।

RBI ने इन प्रस्तावों में कहा कि पियर-टू-पियर लैण्डिंग प्लेटफॉर्म्स में संलग्न कम्पनियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए जरूरी है कि उन्हें उचित नियामक दायरे में लाया जाय।

उल्लेखनीय है कि पियर-टू-पियर लैण्डिंग (P2P lending) प्लेटफॉर्म व्यक्तियों अथवा व्यवसायों को ऋण प्रदान करने का एक ऑनलाइन प्रचलन है जिसमें ऋण प्रदात्तों तथा ऋण प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों/उपक्रमों में परस्पर सूत्र स्थापित किया जाता है।

RBI द्वारा जी गई जानकारी के अनुसार भारत में पिछले एक साल के भीतर 20 नई ऑनलाइन P2P लैण्डिंग कम्पनियाँ खोली गई हैं। वहीं ऐसी कम्पनियों की कुल संख्या 30 के बराबर है।

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4) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा मई 2016 के दौरान जारी बैंकिंग लाइसेंस (universal bank licences) से सम्बन्धित मसौदा प्रस्ताव (draft guidelines) में किस वर्ग को स्पष्ट रूप से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने की सूची से बाहर कर दिया गया है? – बड़े औद्यौगिक घराने

विस्तार: RBI द्वारा 5 मई 2016 को जारी यूनीवर्सल बैंकिंग लाइसेंस सम्बन्धी मसौदा प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया कि बैंकिंग लाइसेंस देश के बड़े औद्यौगिक घरानों (large industrial houses) को नहीं प्रदान किया जायेगा। वहीं गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (NBFCs), बैंकिंग क्षेत्र के जानकार विशेषज्ञों तथा ऐसी कम्पनियाँ जिनका बड़े औद्यौगिक घरानों से सम्बन्ध नहीं है, को बैकिंग लाइसेंस प्रदान करने में RBI को कोई परहेज नहीं है।

बड़े औद्यौगिक घरानों को बैंकिंग लाइसेंस प्रदान करने से RBI बचना चाहता है क्योंकि वह नहीं चाहता कि देश के बैंकिंग क्षेत्र का बड़े औद्यौगिक घरानों से किसी प्रकार का ऐसा गठजोड़ कायम हो जो बाद में बैंकिंग क्षेत्र के स्वास्थ्य के लिए अच्छा न हो।

हालांकि बड़े औद्यौगिक घरानों को सीधे बैंकिंग लाइसेंस नहीं प्रदान किया जायेगा लेकिन उन्हें बैंकों में 10% से कम हिस्सेदारी प्राप्त करने की अनुमति प्रदान करने का प्रस्ताव RBI ने किया है। लेकिन बड़े औद्यौगिक घरानों का कोई निदेशक बैंकों के निदेशक मण्डल का सदस्य नहीं बन सकता है।

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5) अप्रैल 2016 के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार विनिवेश विभाग (Department of Disinvestment) का नाम बदलकर क्या कर दिया गया है? – निवेश एवं सार्वजनिक परिसम्पत्ति प्रबन्धन विभाग

विस्तार: केन्द्र सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार विनिवेश विभाग (Department of Disinvestment) को अब निवेश एवं सार्वजनिक परिसम्पत्ति प्रबन्धन विभाग (Department of Investment and Public Asset Management – DIPAM) के नाम से जाना जायेगा। यह विभाग वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करते हुए केन्द्र सरकार के निवेशों के प्रबन्धन से सम्बन्धित सभी कायों को देखेगा तथा सार्वजनिक उपक्रमों में किया गया निवेश भी इसका हिस्सा होगा।

नाम में यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि सार्वजनिक उपक्रमों (central public sector undertakings) में निवेशित धन का प्रबन्धन भी इसी विभाग का मुख्य काम होगा।

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DBS-Bank-2016

6) निजी क्षेत्र के किस बैंक ने 26 अप्रैल 2016 को घोषणा की कि वह अपने सभी प्रकार के बचत खातों (savings bank accounts) पर 7% वार्षिक दर से ब्याज प्रदान करेगा, जोकि देश के बैंकिंग क्षेत्र के बचत खाता वर्ग की सर्वाधिक ब्याज दर है? – डीबीएस बैंक इण्डिया (DBS Bank India)

विस्तार: डीबीएस बैंक इण्डिया (DBS Bank India) सिंगापुर के डीबीएस बैंक (DBS Bank) की भारतीय बैंकिंग इकाई है। डीबीएस बैंक को वर्ष 2003 से पूर्व द डेवलपमेण्ट ऑफ सिंगापुर (The Development Bank of Singapore) के नाम से जाना जाता था।

डीबीएस बैंक इण्डिया ने 26 अप्रैल को घोषणा की कि वर्ष 2015-16 के दौरान वह पुन: लाभ की स्थिति में आ गया है तथा अब रिटेल बैंकिंग क्षेत्र पर अधिक ध्यान देने के उद्देश्य से उसने अपने बचत बैंक खातों (savings bank accounts) पर 7% की दर से ब्याज देने की रणनीति बनाई है। उल्लेखनीय है कि बचत खातों पर 7% की दर देश में सर्वाधिक दर है।

यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि कोटक महिन्द्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) तथा यस बैंक (Yes Bank) भी अपने खाताधारकों को 7% की ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं लेकिन यह तभी प्रदान किया जाता है जब खातों में कम से कम 1 लाख रुपए जमा हों। वहीं आरबीएल बैंक (RBL Bank) 10 लाख रुपए से अधिक पैसा बचत खाते में रखने वाले अपने खाताधारकों को 7.1% का ब्याज प्रदान कर रहा है। लेकिन डीबीएस बैंक इण्डिया की 7% ब्याज की घोषणा की खास बात यह है कि इसे मात्र 1 रुपए खाते में रखने वाले खाताधारकों को भी प्रदान किया जायेगा।

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7) एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank – ADB) की 49वीं वार्षिक बैठक 2 मई 2016 को किस स्थान पर शुरू हुई, जहाँ संगठन की 50वीं स्थापना दिवस के कार्यक्रमों (50th anniversary celebrations) की श्रृंखला का भी आगाज़ कर दिया गया? – फ्रैंकफर्ट (जर्मनी)

विस्तार: एशियाई विकास बैंक (ADB) एशियाई तथा प्रशांत क्षेत्र के देशों के विकास में वित्तीय सहायता प्रदान करने वाला प्रमुख क्षेत्रीय विकास बैंक है तथा इसकी स्थापना 19 दिसम्बर 1966 को की गई थी। इस प्रकार दिसम्बर 2016 के दौरान इस संस्था के संचालन के 50 वर्ष पूरे हो जायेंगे।

अतएव संस्था के 50वें स्थापना दिवस से सम्बन्धित कार्यक्रमों की श्रृंखला को 2 मई 2016 को इसकी 49वीं वार्षिक बैठक के दौरान शुरू कर दिया गया। यह 49वीं बैठक जर्मनी (Germany) के फ्रैंकफर्ट (Frankfurt) में आयोजित की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि मनीला (फिलीपीन्स) में मुख्यालय वाला एशियाई विकास बैंक (ADB) इस क्षेत्र (एशिया तथा प्रशांत) की विकास सम्बन्धी वित्तीय आवश्यकताओं पर ध्यान देने वाली एक मात्र संस्था रहा है। हालांकि इस क्षेत्र में इसके वर्चस्व को चुनौती देने के लिए चीन के नेतृत्व वाली दो संस्थाएं – एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेण्ट बैंक (AIIB) और न्यू डेवलपमेण्ट बैंक (NDB) का गठन एक साल के भीतर किया गया है।

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8) 24 अप्रैल 2016 को आयीं मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर (Governor) रघुराम राजन (Raghuram Rajan) केन्द्रीय बैंक के सर्वोच्च पद पर तैनात होने के बावजूद सर्वाधिक मासिक वेतन नहीं प्राप्त करते हैं। इन रिपोर्टों के अनुसार RBI में सर्वाधिक मासिक वेतन प्राप्त करने वाला व्यक्ति कौन है? – गोपालकृष्ण सीताराम हेगडे

विस्तार: इन मीडिया रिपोर्टों में RBI से हासिल आरटीआई (RTI) जबाव में बताया गया कि RBI के गवर्नर रघुराम राजन को हासिल कुल मासिक वेतन 1,98,700 रुपए है। इसमें 90,000 मूल वेतन, महंगाई भत्ता 1,01,700 रुपए तथा अन्य भत्ते 7,000 रुपए हैं।

वहीं गोपालकृष्ण सीताराम हेगडे (Gopalkrishna Sitaram Hegde), जिनके वर्तमान पद के बारे में कोई खुलासा नहीं किया गया तथा जो पूर्व में RBI के मुख्य विधि सलाहकार (Principal Legal Advisor) के पद पर तैनात थे, का मासिक वेतन 4 लाख रुपए से अधिक है। इसके बाद क्रमश: अन्नामलाई अरुपुलि गाउण्डर (2,20,355 रुपए) तथा वी. कण्डासामी (2.1 लाख रुपए)का स्थान है।

इस प्रकार रघुराम राजन RBI में सर्वाधिक वेतन पाने वाले व्यक्ति नहीं हैं, बावजूद इसके कि वे इसके गवर्नर हैं।

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9) वह बैंक कौन सा है जिसने 5 ब्रिक्स (BRICS) देशों द्वारा स्थापित बहुराष्ट्रीय विकास बैंक न्यू डेवलपमेण्ट बैंक (New Development Bank – NDB) के भारत में पहले रणनीतिक साझीदार (strategic partner) बनते हुए एक समझौता 5 मई 2016 को किया? – आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)

विस्तार: देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने 5 मई 2016 को न्यू डेवलपमेण्ट बैंक (New Development Bank) के साथ एक समझौता (MoU) किया जिससे यह बैंक NDB का भारत में पहला रणनीतिक साझेदार बैंक बन गया है। इसके चलते NDB भारत में तमाम क्षेत्रों में काम करते हुए ICICI बैंक को साझेदार बनाने के लिए वरीयता प्रदान करेगा।

इससे NDB को भारत तथा विदेश में अंतर्राष्ट्रीय बाण्डों को जारी करने तथा अपने तमाम विकास कार्यक्रमों के संचालन में ICICI बैंक की मदद मिलेगी।

इसके अलावा यह दोनों बैंकिंग उपक्रम ट्रेज़री जोखिम प्रबन्धन (treasury risk management), खाता एवं नकदी प्रबन्धन सेवाओं (account and cash management services), आदि में मिलकर काम करेंगे।

उल्लेखनीय है NDB की जिम्मेदारी ग्रहण करने के पूर्व इसके प्रथम अध्यक्ष के.वी. कामथ (KV Kamath) वर्ष 2015 तक ICICI बैंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष (non-executive chairman) के रूप में कार्य कर रहे थे।

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10) केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2016-17 का अपना पहला विनिवेश (Disinvestment) सार्वजनिक क्षेत्र के किस उपक्रम में 27 व 28 अप्रैल 2016 को किया गया? – राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम (NHPC)

विस्तार: जलविद्युत ऊर्जा उत्पादन में संलग्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम (NHPC) केन्द्र सरकार द्वारा विनिवेशित किया जाने वाला वर्ष 2016-17 का पहला उपक्रम बना। केन्द्र सरकार ने 27 व 28 अप्रैल 2016 को इस उपक्रम में अपनी 11.36% हिस्सेदारी को बेच दिया।

इस विनिवेश को ऑफर-फॉर-सेल प्रणाली (OFS mechanism) के द्वारा किया गया। संस्थागत निवेशकों के (institutional investors) लिए आरक्षित हिस्सा 27 अप्रैल को विनिवेशित किया गया तथा तीन घण्टे के भीतर इस संपूर्ण हिस्से की बिक्री हो गई। इसके तहत लगभग 100.64 करोड़ शेयर बेचे गए। वहीं 28 अप्रैल 2016 को विनिवेश के शेष 25.15 करोड़ शेयरों को खुदरा ग्राहकों (retail investors) को बेचा गया। इस संपूर्ण विनिवेश के द्वारा केन्द्र सरकार को लगभग 2,800 करोड़ रुपए की आय हुई।

इस प्रकार NHPC वर्ष 2016-17 के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा विनिवेशित किया जाने वाला पहला उपक्रम बन गया। वहीं विनिवेश के पश्चात केन्द्र सरकार की NHPC में हिस्सेदारी घट कर 75% रह गई।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016-17 के दौरान केन्द्र सरकार ने विनिवेश के द्वारा 56,500 करोड़ रुपए अर्जित करने का लक्ष्य रखा है।

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